एक्सीडेन्ट की कहानी में छिपा था मर्डर, आसीन्द पुलिस की सतर्कता से हत्या का हुआ पर्दाफश, फरियादी ही निकला आरोपी, सगे भाई की हत्या कर सड़क हादसे की रची थी साजिश

भीलवाड़ा । आसींद पुलिस ने बड़ी सतर्कता दिखाते हुए हत्या के इन संगीन जुर्म का खुलासा किया है। फरियादी ने ही अपने सगे भाई की हत्या की ओर घटना को दुर्घटना बताया । पुलिस ने जांच का एंगल बदला तो फरियादी ही आरोपी निकला आरोपी ने भाई की हत्या कर सड़क हादसे की साजिश रची थी । पुलिस ने बताया की आरोपी ने 10 लाख के लोन विवाद और क्लेम पाने के लालच में हत्या की साजिश रची । आरोपी भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है । आरोपी लक्ष्मी लाल खटीक उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया है । एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने घटना की गम्भीरता को देखते हुये गहन जांच व त्वरित खुलासा करने के लिए बुद्धराज खटीक अति.पुलिस अधीक्षक सेक्टर सहाडा के निर्देशन में व ओमप्रकाश सोलंकी वृत्ताधिकारी वृत आसीन्द के निकटतम सुपरविजन मे व श्रद्धा पचैरी थानाधिकारी थाना आसीन्द के नेतृत्व में टीम गठित की गई। दिनांक 03.05.2026 को प्रातः समय करीब सवा आठ बजे थाना आसीन्द पर सूचना मिली कि कांवलास सरहद स्थित डामर प्लान्ट के पास एन एच 158 सडक किनारे एक्सीडेन्ट होकर लाश व मोटरसाईकिल पड़ी है कि सूचना पर थाना आसींद से सूर्यभान सिंह एएसआई मय जाप्ता के मौके पर पहुंचे जहां नेशनल हाईवे पर काफी भीड़ ईकट्ठा हो रखी थी। मौके पर नेशनल हाईवे का यातायात प्रभावित होकर जाम की स्थिति उत्पन्न होने के कारण अज्ञात मृतक की लाश को 108 एम्बुलेन्स की सहायता से सीएचसी आसीन्द मोर्चरी में रखवाया गया तथा मौके से मोटरसाईकिल को थाना आसीन्द पर सुरक्षित रखा गया। अज्ञात मृतक के फोटो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर प्रसारित किये गये तो मृतक की शिनाख्त गोविन्दपुरा निवासी किशन उर्फ मेवाराम पिता सुवालाल खटीक के रूप में हुई। परिजनों को सूचना दी गई। परिवारजनों ने मृतक की लाश को मोर्चरी में देखा और पोस्टमार्टम के लिए अज्ञात वाहन से दुर्घटना कारित करने के संबंध में मृतक के भाई लक्ष्मीलाल खटीक ने रिपोर्ट दी । जिस पर लाश का पोस्टमार्टम करवाया गया और लाश को परिवार को सुपुर्द किया ओर आसींद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की । मृतक के पंचनामा व लाश का निरीक्षण किया गया तो मृतक के सिर के अलावा पूरे शरीर पर कोई चोट का निशान, रगड़, खरोंच होना नहीं पाया गया, मोटरसाईकिल के भी किसी प्रकार की रगड़ आना नहीं पाई गई एवं मौके पर जब मोटरसाईकिल मिली उस समय मोटरसाईकिल का स्वीच ऑफ होना पाया गया। जिस पर शंका होने से मृतक की काॅल डिटेल मंगवाई ओर विष्लेषण किया गया तथा मुखबिर से संपर्क कर घटना की सत्यता के संबंध में गोपनीय रूप से जानकारी प्राप्त की गई। तत्पश्चात मामले में प्रार्थी से पूछताछ की गई ओर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तो घटनास्थल पर मृतक की लाश जिस जगह पड़ी थी वहां पर एक रस्सी पड़ी मिली, पास में मृतक के चप्पल मिले व मोटरसाईकिल का मात्र एक इण्डीकेटर टूटा हुआ मिला जिनको जब्त किया गया। उच्चाधिकारियों के मौखिक निर्देशानुसार मामले में प्रार्थी लक्ष्मी लाल खटीक को पूछताछ हेतु तलब कर पूछताछ की गई तो लक्ष्मी लाल खटीक ने वारदात कारित करना कबूल किया। मृतक मेवाराम उर्फ किशन खटीक प्रार्थी लक्ष्मी लाल खटीक उर्फ सोनू का सगा छोटा भाई है। मृतक मेवाराम उर्फ किशन व परिवादी लक्ष्मीलाल उर्फ सोनू के मध्य पहले से ही सम्पति संबंधी विवाद चल रहा था । विगत चार महिने पहले मृतक मेवाराम उर्फ किशन के प्लाॅट पर मृतक के नाम से दस लाख रूपये का लोन परिवादी लक्ष्मी लाल व मृतक मेवाराम ने मिलकर लिया था और जिसमें से पांच लाख रूपये मृतक मेवाराम उर्फ किशन द्वारा परिवादी लक्ष्मीलाल उर्फ सोनू को दिये थे। परिवादी लक्ष्मीलाल से मृतक मेवाराम अपने लोन की पांच लाख राशि का तकाजा करने लगा परन्तु परिवादी उक्त राषि खर्च कर चुका था और मृतक मेवाराम को नहीं देना चाहता था। दिनांक 02.05.2026 को लक्ष्मीलाल ने अपने भाई मेवाराम को फोनपे से शराब का नशा करने के लिये 200 रूपये भेजे। मेवाराम द्वारा शराब का नशा करने के उपरांत स्वयं के चमनपुरा स्थित कब्जाशूदा बिलानाम खेत पर बने मकान पर सोने के लिये विश्वास में लेकर बुला लिया। रात के 12 तक अपने सगे छोटे भाई मृतक मेवाराम उर्फ किशन के सोने का इंतजार किया। जैसे ही रात में मेवाराम उर्फ किशन गहरी नींद में सो गया तो रात के करीब 01-02 बजे परिवादी लक्ष्मीलाल ने कुल्हाडी की मूंद (पिछला हिस्सा) से अपने सगे छोटे भाई मेवाराम खटीक के सिर में तीन चार जोरदार चोट मारी जिससे मेवाराम वहीं ढेर हो गया। मृतक की मौत होने के बाद लक्ष्मीलाल ने मृतक मेवाराम की लाश को कट्टे में डालकर मोटरसाईकिल पर लेकर कच्चे रास्ते होते हुए नेशनल हाईवे 158 कांवलास सरहद स्थित बन्द पडे डामर प्लान्ट के पास पहुंचा जहां रात्रि के समय मृतक की लाश को कट्टे से निकाल कर हाईवे के पास नीचे लिटा दिया तथा मोटरसाईकिल को स्वीच बन्द अवस्था में चाबी लगे हुए ही धक्का देकर लाश के पास गिरा दिया। मोटरसाईकिल के गिरने से दांयी तरफ का आगे का इण्डीकेटर टूट गया। लक्ष्मी लाल खटीक मृतक मेवाराम की लाश को जिस कट्टे में लेकर सड़क किनारे सड़क दुर्घटना साबित करने के आशय से फेंकने के लिये लेकर आया था वहां से कट्टा को लाश फेंक कर साथ ले गया परन्तु कट्टे को जिस रस्सी से मोटरसाईकिल पर बांधा था वह रस्सी लाश के नीचे मौके पर ही छोड़ गया। पुलिस थाना आसीन्द की टीम ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए जुर्म कबूल करने पर आरोपी लक्ष्मीलाल खटीक को गिरफ्तार किया ।
पुलिस टीम में थाना अधिकारी श्रद्धा पचौरी के साथ सूर्यभान सिंह स.उ.नि., एचसी नरपत सिंह, रणजीत सिंह एचसी, महेन्द्र सिंह, मूल सिंह , सांवलराम शामिल थे ।