चार लाख रुपये के चेक अनादरण मामले में आरोपी दोषमुक्त

भीलवाड़ा, 27 सितंबर। स्मार्ट हलचल|विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट, एनआई एक्ट प्रकरण, न्यायालय संख्या-4, भीलवाड़ा ने चार लाख रुपये के चेक अनादरण के मामले में आरोपी देवी लाल बैरवा को धारा 138 एनआई एक्ट के आरोप से दोषमुक्त कर दिया।
मामले में परिवादी सुनील मालवीय की ओर से परिवाद पेश कर आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने निजी आवश्यकता के लिए चार लाख रुपये उधार लिए थे। इसके भुगतान के लिए आरोपी ने 4 लाख रुपये का चेक जारी किया, जो खाते में अपर्याप्त निधि होने के कारण अनादरित हो गया। परिवादी के अनुसार नोटिस दिए जाने के बावजूद निर्धारित अवधि में चेक की राशि का भुगतान नहीं किया गया।
परिवादी ने अपने पक्ष को साबित करने के लिए न्यायालय के समक्ष दस्तावेजी साक्ष्य एवं मौखिक बयान प्रस्तुत किए।
वहीं, आरोपी देवी लाल बैरवा की ओर से बचाव में धारा 118 एवं 139 एनआई एक्ट के तहत सृजित उपधारणाओं का खंडन किया गया। न्यायालय ने आरोपी की ओर से प्रस्तुत प्रतिरक्षा तथा दस्तावेजी एवं मौखिक साक्ष्यों के आधार पर माना कि धारा 118 एवं 139 एनआई एक्ट की उपधारणा का सृजन नहीं होना पाया गया। साथ ही परिवादी चेक अनादरण के तथ्य को न्यायालय के समक्ष साबित नहीं कर सका।
इन आधारों पर न्यायालय ने देवी लाल पुत्र श्री भगीरथ बैरवा, निवासी ढाकरियां खेड़ा, तहसील मांडल, जिला भीलवाड़ा को धारा 138 एनआई एक्ट के आरोप से दोषमुक्त कर दिया।
प्रेस नोट के अनुसार परिवादी स्वयं अधिवक्ता है। अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता रमेशचंद शर्मा, कुशल चन्द्र साहू एवं आशीष गौतम ने पैरवी की।