मेड़ता रोड
एजाज़ अहमद उस्मानी।
स्मार्ट हलचल|मेड़ता रोड कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में चारा और भूसे से भरे ओवरलोड वाहन बेखौफ सड़कों पर दौड़ते नजर आ रहे हैं। इन वाहनों को न तो यातायात नियमों की परवाह है और न ही पुलिस प्रशासन की कार्रवाई का कोई डर दिखाई देता है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि आए दिन ऐसे ओवरलोड वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट जाते हैं, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने के बावजूद इन वाहन चालकों पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। प्रशासनिक सख्ती के अभाव में ओवरलोडिंग का यह सिलसिला लगातार जारी है। चारा और भूसे से भरे ये वाहन अक्सर संतुलन खो देते हैं, जिससे न सिर्फ चालक बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ जाती है। इन हादसों के कारण सड़कों पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, कामकाजी लोगों और आपातकालीन सेवाओं तक को इस अव्यवस्था का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों में इस समस्या को लेकर भय और आक्रोश दोनों व्याप्त हैं। उनका कहना है कि अगर भविष्य में कोई बड़ा हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड वाहनों पर सख्ती से रोक लगाई जाए और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा, आमजन ने यह भी सुझाव दिया है कि कस्बे के भीतर दिन के समय ऐसे वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए और केवल रात 10:00 बजे के बाद ही इन्हें चलने की अनुमति दी जाए, ताकि दिन के समय यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
यदि समय रहते इस समस्या पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
