खानपुरा तालाब मे पानी की आवक बढ़ाने के लिए ड्रेन कि साफ सफाई मे पंचायत प्रशासन ने की खानापूर्ति,

खानपुरा तालाब मे पानी की आवक बढ़ाने के लिए ड्रेन कि साफ सफाई मे पंचायत प्रशासन ने की खानापूर्ति,

ग्रामीणों ने बंद कर दिये पानी की आवक के रास्ते,
नैनवां उपखंड के खानपुरा पंचायत का मामला

स्मार्ट हलचल।इस्लाम खान

हिण्डोली। बूंदी जिले के नैनवां उपखंड के खानपुरा पंचायत ने और पंचायत समिति नैनवां द्वारा तालाब मे पानी की आवक बढ़ाने के लिए टोपा फिडर की साफ सफाई कराई गई थी ,लेकिन पंचायत प्रशासन ने ड्रेन की साफ सफाई के नाम कुछ जगह पर ड्रेन की साफ सफाई करवा कर ,बाकी केवल कागजों मे खानापूर्ति कर इतिश्री कर ली गई,जानकारी के अनुसार खानपुरा तालाब में पानी की आवक बढ़ाने के लिए, नैनवां पंचायत समीति प्रधान द्वारा 26 जुन को पूजा अर्चना कर के ड्रेन की साफ सफाई करने के लिए शुभारंभ किया गया था, जिसमे एनिकट से खानपुरा तालाब तक ड्रेन की साफ सफाई कर तालाब मे आने वाले पानी की आवक बढ़ाने के लिए ,टोपा फिडर और तालाब के बीच पानी आने के रास्तों को खुलासा करने का काम ग्राम पंचायत को करवाना था ,लेकिन खेत कुओ पर आने जाने के रास्ते के बीच ड्रेन कि खुदाई के दौरान पाईप नही लगाने से ग्रामीणों ने कई जगह पर ड्रेन के बीच मे मिट्टी भरकर पानी का रास्ता बंद कर दिया गया,जिससे तालाब मे जाने वाले पानी कि आवक ओर ज्यादा कम हो गई, इस दौरान ग्रामीणों ने बताया की गांव और खेत कुओं पर जाने वाले रास्ते पर बड़े पाईप लगाने के लिए ग्राम पंचायत को उसी समय अवगत कराया गया,लेकिन पंचायत प्रशासन ने अनसुना कर दिया , वही ग्रामीणों ने बताया की पंचायत ने एनिकट से तालाब तक टोपा फिडर की पुरी साफ सफाई नही कर केवल कागजी खानापूर्ति कर ली , जबकि मौके पर जेसीबी से कुछ ही जगह साफ सफाई की गई,
खानपुरा तालाब से होता है लाखो का राजस्व प्राप्त
जानकारी के अनुसार खानपुरा तालाब का मत्स्य ठेका होने से सरकार को लाखो रुपए का राजस्व भी प्राप्त होता है, लेकिन फिर भी ग्राम पंचायत खानपुरा द्धारा तालाब मे आने
वाले पानी के फिडर ओर ड्रेन की साफ-सफाई के नाम पर खानापूर्ति कर इतिश्री करने से टोपा फिडर के पानी के रास्ते मे किसानों के द्वारा अवरोधक लगाकर ड्रेन को भर दिया,जिससे तालाब मे आने वाला पानी भी रुक गया, ग्रामीणों ने बताया की टोपा फिडर मे अवरोधक लगाने से अब तालाब मे पानी की आवक बढ़ना तो दुर की बात है, लेकिन पहले से भी कम पानी की आवक होगी ओर तालाब भर नही पायेगा,जिससे पंचायत क्षेत्र के गांवों मे लगे नलकुप व हेडपंप रिचार्ज नही होगे तो पुरी पंचायत क्षेत्र मे जलस्तर घटने से पेयजल का संकट हो जायेगा, जिसको लेकर ग्रामीण अवरोधकों को हटाने के लिए उच्च अधिकारियों और पंचायत प्रशासन को अवगत करवाने के बाद भी अवरोधक नही हटाये गये।

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