तीन साल से सजा रहे स्वागत द्वार पर प्रशासनिक लापरवाही की मार, 2 से 3 लाख का नुकसान

(पंकज पोरवाल)

ट्रक की टक्कर से बिखरी दिवाली की सजावट, संदीप बजाज रोड चौराहे पर बना रहा था निशुल्क भव्य स्वागत द्वार, आयोजकों ने रद्द किया आयोजन

भीलवाड़ा । स्मार्ट हलचल|तीन साल से दीपावली पर संदीप बजाज रोड चौराहे को भव्य स्वागत द्वार से सजाकर शहरवासियों को आकर्षित करने वाली राजस्थान टेंट हाउस की पहल पर इस बार संकट खड़ा हो गया है। मंगलवार देर रात एक बेकाबू ट्रक की टक्कर से निर्माणाधीन स्वागत द्वार धराशायी हो गया। हादसे में करीब 2 से 3 लाख रुपए का नुकसान होने के बाद आयोजकों ने इस बार भव्य आयोजन को निरस्त करने या सीमित करने का कड़ा फैसला लिया है। राजस्थान टेंट हाउस के संचालक मानव गौड़ ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से उनकी ओर से संदीप बजाज रोड चौराहे पर दीपावली के अवसर पर निशुल्क भव्य स्वागत द्वार बनाया जा रहा है। इस बार भी आयोजन को खास बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही थीं। स्वागत द्वार में आकर्षक सजावट के साथ विशेष काइनेटिक प्रॉप्स यानी स्वचालित मूविंग प्रॉप्स लगाए जा रहे थे, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने वाले थे। इसी बीच मंगलवार देर रात एक ट्रक चालक ने निर्माणाधीन ढांचे को जोरदार टक्कर मार दी। बताया गया कि चालक नशे में धुत था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्वागत द्वार का पूरा ढांचा पास में खड़ी ट्रैवलर वैन पर जा गिरा। इससे निर्माण सामग्री और सजावटी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद आयोजकों को खुद श्रमदान कर मलबा हटाना पड़ा। मानव गौड़ ने बताया कि इस नुकसान के अलावा रात के समय बेपरवाह वाहन चालकों की आवाजाही, सुरक्षा इंतजामों की कमी और इंश्योरेंस क्लेम को लेकर पैदा हुई व्यावहारिक परेशानियों ने भी आयोजकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उनका कहना है कि शहर में सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के आयोजनों के दौरान यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इस मामले में अपेक्षित सहयोग और सतर्कता नजर नहीं आई। उन्होंने रात्रिकालीन पुलिस गश्त और यातायात व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि निर्माणाधीन ढांचे के आसपास पर्याप्त सुरक्षा और यातायात नियंत्रण होता तो इस तरह के हादसे से बचा जा सकता था। लगातार तीन वर्षों से शहरवासियों के लिए निःशुल्क सजावट की जा रही थी, लेकिन इस बार हुए नुकसान और प्रशासनिक व व्यावहारिक अड़चनों ने आयोजन को लेकर पुनर्विचार करने पर मजबूर कर दिया है। गौड़ के अनुसार अब राजस्थान टेंट हाउस की ओर से दीपावली का भव्य स्वागत द्वार पूरी तरह स्थगित करने अथवा केवल सुरक्षित टावर शेप में सीमित सजावट करने पर विचार किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि सुरक्षा और प्रशासनिक सहयोग के अभाव में जोखिम उठाकर इतना बड़ा आयोजन करना मुश्किल है।