न्यायालय की कार्यप्रणाली पर अधिवक्ताओं ने उठाए सवाल, जांच की मांग

(मोहम्मद आज़ाद नेब)

जहाजपुर बार एसोसिएशन ने जिला कलेक्टर को सौंपा रीडर पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप

जहाजपुर  स्मार्ट हलचल|बार एसोसिएशन जहाजपुर के अध्यक्ष दीपक सिंह चौहान के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने आज बुधवार को जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू को ज्ञापन सौंपकर उपखण्ड न्यायालय एवं सहायक कलेक्टर न्यायालय जहाजपुर में सितम्बर 2025 से 30 अप्रैल तक पारित निर्णयों की जांच कराने की मांग की है।ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि न्यायालय में कई मामलों में अधिवक्ताओं को बिना सूचना दिए निर्णय पारित किए गए तथा समय पर आदेशों और नकल प्रतियों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। अधिवक्ताओं ने न्यायालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कई प्रकरणों का उल्लेख किया।
ज्ञापन के अनुसार अधिवक्ता शशिकांत पत्रिया, नरेन्द्र सिंह मीणा, जाकिर हुसैन और ओमप्रकाश मुण्डड़ा के मामलों में बिना जानकारी के जवाब बंद करने, समय पूर्व प्रकरण खारिज करने, गलत पैरवी दर्ज करने तथा पक्षकारों को सुने बिना आदेश पारित करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि न्यायालय के रीडर किस्मत मीणा द्वारा आदेशों की प्रतियां देने के नाम पर 200 से 500 रुपये तक की मांग की जाती है तथा अधिवक्ताओं के साथ अशोभनीय व्यवहार किया जाता है। ज्ञापन में रीडर पर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उसका डेपोटेशन निरस्त कर मूल पदस्थापन माण्डलगढ़ भेजने की मांग की गई है।
बार एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि पीठासीन अधिकारियों द्वारा खुले न्यायालय में निर्णय नहीं सुनाए जाते और कई मामलों में अधिवक्ताओं की उपस्थिति के बावजूद प्रकरणों को अदम पैरवी में खारिज किया जा रहा है। साथ ही सितम्बर 2025 से अब तक के निर्णयों की सूची मांगे जाने के बावजूद उपलब्ध नहीं कराई गई।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो बार एसोसिएशन उग्र आंदोलन करेगा।

*इधर सहायक कलेक्टर दीपक सांखला ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि अधिवक्ताओं की यदि कोई वास्तविक समस्या है तो उसका कानूनी आधार पर निराकरण कर दिया जाएगा।*