दिलखुश मोटीस
सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल|बीसलपुर बांध की जल भराव क्षमता आधा मीटर बढ़ाने के विरोध में देवली उपखंड कार्यालय के बाहर 102 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना जारी है। इस क्षमता वृद्धि से अजमेर, टोंक और भीलवाड़ा जिलों के 68 गांवों के विस्थापित होने की आशंका है, जिसके चलते ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार देर शाम किसान नेता नरेश मीणा ने धरनार्थियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
नरेश मीणा ने ग्रामीणों की अनदेखी का आरोप लगाया
मीणा ने सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर ग्रामीणों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि तीन विधानसभा क्षेत्रों के ग्रामीण तीन महीने 12 दिन से धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार इस मामले में गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि केकड़ी, जहाजपुर और देवली तीनों विधानसभा क्षेत्रों से भाजपा के विधायक होने के बावजूद विस्थापितों की मांगों पर कोई आश्वासन नहीं दिया जा रहा है। बांध का भराव बढ़ने से किसानों की 14 अप्रैल को देवली में सभा होगी
किसान नेता ने स्पष्ट किया कि धरना स्थल पर बैठे किसान मुआवजे के लिए नहीं, बल्कि अपनी आजीविका बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। नरेश मीणा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो आगामी 14 अप्रैल को देवली में एक सभा आयोजित की जाएगी। इस सभा में बीसलपुर बांध से गाद निकालने और भराव बढ़ाने के विरोध में एक बड़े जन-आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
इस अवसर पर टोंक सरपंच संघ अध्यक्ष मुकेश मीणा, छान बास के सरपंच सूर्या आरडी गुर्जर, वार्डपंच मनोज मीणा, अंबेडकर विचार मंच के अध्यक्ष पांचूलाल मीणा, कासीर के पूर्व सरपंच यादराम मीणा, धनराज मीणा धुँवाला, दिलराज मीणा निमेड़ा, कुलदीप सिंह मीणा और बंशी मीणा बोयडा सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।
