(हरिप्रसाद शर्मा)
अजमेर/ स्मार्ट हलचल|किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर आयोजित किसान स्वाभिमान रैली के तहत जयपुर कूच कर रहे नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार से सकारात्मक वार्ता के बाद आंदोलन स्थगित करने की घोषणा कर दी। रैली के दौरान देर रात रियांबड़ी क्षेत्र की बाड़ी घाटी में हजारों गाड़ियों का काफिला रुका रहा, वहीं नागौर जिले के अंतिम गांव में बेनीवाल ने हजारों किसानों के साथ डेरा डाला था।
छह प्रमुख मांगों को लेकर सांसद ने शुरू किया था मार्च
मंगलवार को सांसद हनुमान बेनीवाल हजारों किसानों के साथ जयपुर की ओर रवाना हुए थे। यह आंदोलन अवैध बजरी खनन और बजरी माफियाओं पर कार्रवाई, रेलवे लाइन व विद्युत की हाई टेंशन लाइनों से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने सहित कुल छह प्रमुख मांगों को लेकर शुरू किया गया था। आंदोलन के दौरान प्रशासन की ओर से भेजे गए प्रतिनिधियों के साथ देर रात और फिर तड़के वार्ता का दौर चला।
बुधवार तड़के आंदोलन स्थल पर पहुंचे डीएम और पुलिस अधीक्षक
बुधवार सुबह करीब 5 बजे नागौर जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित, पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा और रियांबड़ी एसडीएम सूर्यकांत आंदोलन स्थल पर पहुंचे। इससे पहले आरएलपी नेता दिलीप चौधरी के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल की जिला प्रशासन के साथ पहली दौर की वार्ता विफल रही थी। हालांकि, दूसरे दौर की बातचीत सफल रही और किसानों की मांगों पर लिखित सहमति बनी।
सरकार ने दिया है आश्वासन: बेनीवाल
हनुमान बेनीवाल ने बताया कि प्रशासन ने अवैध बजरी खनन पर रोक लगाने और बजरी माफियाओं की मनमर्जी पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि एक दिन के भीतर सर्वे के लिए टीमें गठित कर दी जाएंगी और आगामी दो-तीन दिनों में आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा रेलवे लाइन और हाई टेंशन विद्युत लाइनों से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने, माइनिंग विभाग के अधिकारियों तथा मेड़ता एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई सहित अन्य मांगों पर भी सकारात्मक सहमति बनी है।
वार्ता संतोषजनक
बेनीवाल ने कहा कि किसानों के हित में प्रशासन के साथ हुई वार्ता संतोषजनक रही है, इसी के चलते किसान स्वाभिमान रैली और जयपुर कूच को फिलहाल स्थगित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तय समय सीमा में सहमति के अनुसार कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में आंदोलन को फिर से तेज किया जाएगा।


