(राजेश जीनगर, भीलवाड़ा)
सप्ताहभर पहले अहिंसा सर्किल के आस-पास अवैध कार बाजार, चौपाटी, होटलें, सब्जी विक्रेताओं द्वारा किए गए अतिक्रमण का मामला उठाने के बाद लोगों ने बताया कि शहर के सांगानेरी गेट स्थित बने सामुदायिक भवन के हालात भी दयनीय स्थिति में है, यहां भी ध्यान दिए जाने की सख्त आवश्यकता है वर्ना निकट भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी के संकेत हैं। यहां सामुदायिक भवन के बाहर गाडोलिया लोहार के मुख्य सड़क तक कब्जा कर लिए जाने से वैवाहिक आयोजन के दौरान किराया लेने वाले सामुदायिक भवन के बाहर पार्किंग की जगह नहीं होने से खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने बताया की वह सामुदायिक भवन का किराया भी वहन करते हैं, लेकिन नगर निगम की अनदेखी उदासीनता के कारण जो सुविधा उन्हें मिलनी चाहिए, वो नहीं मिल पा रहीं हैं तो वहीं सड़क किनारे तक कब्जा किए गाडोलिया लोहार परिवारों पर भी अनियंत्रित वाहनों द्वारा अनहोनी का संकट मंडराया हुआ है। अक्सर इस चौराहे से निजी बसें, रोड़वेज व कारें बहुत तेज गति से गुजरती देखी जा सकती हैं। जिसके चलते किसी बड़ी अनहोनी और जान माल का नुक़सान होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
प्रशासन की सुस्ती से अहिंसा सर्किल से हलेड सर्किल तक पियक्कड़ों की मौज….
अंधेरा होने के साथ ही अवैध रूप से शराब की बिक्री बढ़ जाती है और अहिंसा सर्किल से हलेड सर्किल तक सड़कों पर पियक्कड़ मौज मस्ती में रहते हैं। इस दौरान किसी भी वाहन चालक द्वारा इन पियक्कड़ों को बचाने के चक्कर में कोई और चपेट में आ जाए तो यही पियक्कड़ वहां हंगामा खड़ा कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला कुछ दिन पुर्व सामने आया, जिसमें एक पियक्कड़ गश खाकर गिर पड़ा, लेकिन वहां मौजूद अन्य लोगों ने उस घटना को ऑटो की टक्कर से गिरने की बात कहकर घटना को चालक के माथे जड़ दिया। इतना ही नहीं बल्कि उस ऑटो चालक को लोगों की पिटाई का डर दिखाकर उससे नकदी छीन ली और चलता कर दिया। यह तो एक उदाहरण मात्र है जो सामने आया है। लेकिन पता नहीं अब तक कितनी दफा इस रोड इस तरह की घटनाएं हो चुकी होगी। आसपास के लोगों ने इसे प्रशासन की सुस्ती और जिम्मेदारों की उदासीनता बताया है।
अवैध रूप से शराब बिक्री को लेकर पुलिस ने चलाया था अभियान, अब ठंडे बस्ते में….
तत्कालीन प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारी राहुल कोटोकी ने घरों से अवैध रूप से शराब बिक्री पर शहर के कई इलाकों में दबिश देकर लाखों लीटर शराब जब्त की थी। इस दौरान पंचमुखी बालाजी के आस-पास के क्षेत्र में अवैध रूप से शराब बेचने वालों और पुलिस में मुठभेड़ भी हुई थी और दो दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। उसके बाद से अब तक किसी पुलिस अधिकारी द्वारा या संबंधित थाने द्वारा किसी तरह की कार्यवाही नहीं किया जाना कई तरह के सवाल खड़े करता है तो आबकारी विभाग व पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है की इस तरह की कार्यवाही अब ठंडे बस्ते में क्यों ???













