मूलचन्द पेसवानी
स्मार्ट हलचल| एवरेस्ट की बर्फीली ऊंचाइयों पर तिरंगा फहराकर शाहपुरा का नाम रोशन करने वाले शाहपुरा के समाजसेवी अनिल लोढ़ा के सुपुत्र युवा पर्वतारोही आकाश लोढ़ा अब अपने शहर लौट रहे हैं। ऐतिहासिक यात्रा के बाद आकाश मंगलवार 27 जनवरी 2026 को पहली बार अपने पैतृक निवास शाहपुरा पहुंचेंगे। इस गौरवपूर्ण पल को यादगार बनाने के लिए नगर में भव्य स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
आकाश लोढ़ा का दोपहर 12.15 बजे धरती देवरा वाटिका में शाहपुरा व परिवारजनों की ओर से अभिनंदन किया जाएगा। इसके बाद उन्हें खुले वाहन में जुलूस के रूप में नगर भ्रमण कराया जाएगा। यह स्वागत यात्रा धरती देवरा वाटिका से शुरू होकर कलिंजरी गेट, बालाजी की छतरी, सदर बाजार, कुंड गेट, त्रिमूर्ति स्मारक, बस स्टैंड होते हुए भीलवाड़ा रोड स्थित बोर्डिंग हाउस के सामने लोढ़ा हाउस तक पहुंचेगी।
शाहपुरा की गलियां तब किसी उत्सव से कम नहीं होंगी। जगह-जगह पुष्पवर्षा, तिरंगे और ढोल-नगाड़ों के साथ आकाश लोढ़ा का स्वागत किया जाएगा। स्वागत समिति ने नगरवासियों से आह्वान किया है कि वे इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें और उस बेटे का आत्मीय अभिनंदन करें, जिसने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी के बेस कैंप तक पहुंचकर शाहपुरा को गौरव दिलाया है।
आकाश की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। माइनस तापमान, ऑक्सीजन की कमी और लंबी ट्रैकिंग के बावजूद तिरंगा फहराने वाला यह साहसिक कदम अब शाहपुरा की पहचान बन गया है। नगरवासियों में आकाश के स्वागत को लेकर जबरदस्त उत्साह है और हर कोई इस पल को अपने जीवन का गर्व भरा अनुभव बनाना चाहता है।
कह सकते हैं कि मंगलवार को शाहपुरा में सिर्फ एक पर्वतारोही नहीं, बल्कि हौसलों की मिसाल लौट रही है। एवरेस्ट की ऊंचाइयों से उतरकर आकाश लोढ़ा अब अपने शहर की गोद में सम्मान पाने आ रहे हैं, जहां हर कदम पर उनका स्वागत इतिहास बन जाएगा।













