मालासेरी डूंगरी में टेका मत्था, देवमाली और जोधगढ़ दरबार सहित विभिन्न तीर्थों पर लिया संतों का आशीर्वाद
आसींद । अखिल भारतीय गुर्जर महासभा हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सांवर मल गुर्जर अपने राजस्थान प्रवास के दौरान गुर्जर समाज के आराध्य देव भगवान श्री देवनारायण की जन्मस्थली मालासेरी डूंगरी सहित विभिन्न ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के दर्शन करने पहुँचे। इस दौरान उनके साथ समाज के कई प्रबुद्ध जन, समाजसेवी और वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। सांवर मल गुर्जर का राजस्थान आगमन पर समाज के लोगों द्वारा भव्य स्वागत भी किया गया। दौरे की शुरुआत में प्रदेश अध्यक्ष सांवर मल गुर्जर भीलवाड़ा जिले में स्थित गुर्जर समाज के सबसे बड़े आस्था के केंद्र मालासेरी डूंगरी पहुँचे। वहाँ उन्होंने पुजारी हेमराज पोसवाल से भेंट कर आशीर्वाद लिया। मालासेरी डूंगरी वह पवित्र और ऐतिहासिक स्थान है जहाँ गुर्जर समाज के आराध्य देव, विष्णु के अवतार भगवान श्री देवनारायण का प्राकट्य (जन्म) हुआ था।
यह स्थान पूरे देश के गुर्जर समाज और देवनारायण भक्तों के लिए परम पूजनीय है। हाल ही के वर्षों में इस स्थान का राष्ट्रीय स्तर पर महत्व और बढ़ा है, जहाँ प्रधानमंत्री सहित देश की बड़ी हस्तियों ने शीश नवाया है। यहाँ की अखंड ज्योति और पहाड़ी का कण-कण भक्तों को शांति और ऊर्जा प्रदान करता है। मालासेरी डूंगरी के बाद सांवर मल गुर्जर ने सुप्रसिद्ध बंक्यारानी माताजी मंदिर के दर्शन कर देश और समाज की खुशहाली की कामना की। जहां ट्रस्ट सदस्य स्वागत किया, इसके पश्चात उन्होंने तांबेश्वर की बावड़ी के दर्शन किए और जोधगढ़ दरबार पहुँचकर वहाँ के महंत श्री श्री 1008 नारायण दास जी महाराज के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महंत जी ने उन्हें समाज सेवा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। इसके बाद उन्होंने गुर्जर संस्कृति के जीवंत प्रतीक और बिना पक्के मकानों वाले ऐतिहासिक गाँव देवमाली में भगवान देवनारायण के दर्शन किए और फिर वे तीर्थराज पुष्कर के लिए रवाना हो गए। इस धार्मिक यात्रा और देव दर्शन के विशेष मौके पर सांवर मल गुर्जर के साथ समाज की कई प्रतिष्ठित विभूतियाँ मौजूद रहीं, जिनमें प्रोफेसर बसी लाल गुर्जर (वरिष्ठ शिक्षाविद), देवी लाल गुर्जर (अध्यक्ष, बंक्यारानी ट्रस्ट), सवाई सिंह गुर्जर,भैरू लाल गुर्जर जबरकिया,उगम लाल गुर्जर (समाजसेवी, जोधगढ़), ईश्वर लाल भाटिया, दुर्गा प्रसाद धाभाई, काली राम कालसा आदि मौजूद रहे।
