सफाई कर्मचारी भर्ती में संशोधन की मांग को लेकर जयपुर में धरना-प्रदर्शन

*वाल्मीकि समाज के सामाजिक संगठनों व ट्रेड यूनियनों ने सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन, सात दिन में संशोधन नहीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी*

*जयपुर, 25 सितम्बर 2026*
*राजस्थान में प्रस्तावित सफाई कर्मचारी भर्ती के नियमों में संशोधन की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रदेश की राजधानी जयपुर में वाल्मीकि समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। युवा नेता विक्रम वाल्मीकि के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ताओं, सफाई कर्मचारियों एवं बेरोजगार युवाओं ने भाग लिया।*

*प्रदर्शनकारियों ने सिविल लाइंस फाटक से स्वायत्त शासन विभाग तक पैदल रैली निकाली। इसके बाद स्वायत्त शासन विभाग कार्यालय के बाहर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धरना दिया गया। धरने के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए प्रतिनिधियों ने सफाई कर्मचारी भर्ती से जुड़े नियमों एवं समाज की समस्याओं पर अपने विचार और सुझाव रखे।*

*बैठक में सर्वसम्मति से 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल/कमेटी गठित की गई, जिसने स्वायत्त शासन विभाग के उपनिदेशक को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर भर्ती प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन करने की मांग रखी।*

*अनुभव प्रमाणपत्र की बाध्यता समाप्त करने की प्रमुख मांग*

*ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि वाल्मीकि समाज के अभ्यर्थियों के लिए अनुभव प्रमाणपत्र की अनिवार्यता समाप्त कर जाति प्रमाणपत्र को मान्यता प्रदान की जाए, ताकि पारंपरिक रूप से सफाई कार्य से जुड़े समाज के बेरोजगार युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में वास्तविक अवसर मिल सके।*

*इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण आधारित प्रावधानों के स्थान पर वर्ष 2012 की सफाई कर्मचारी भर्ती के आधार पर भर्ती प्रक्रिया संचालित करने, वर्तमान विज्ञप्ति में निर्धारित 21 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा को घटाकर 18 वर्ष करने तथा भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण निर्धारित आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को अतिरिक्त आयु सीमा में छूट देने की मांग भी प्रमुखता से रखी।*

*प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सफाई कर्मचारी भर्ती केवल रोजगार का विषय नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका और सामाजिक भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए भर्ती के नियम ऐसे होने चाहिए, जिनसे वास्तविक पात्र अभ्यर्थियों को न्यायपूर्ण एवं पारदर्शी अवसर प्राप्त हो।*

*स्वायत्त शासन विभाग के उपनिदेशक ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए मांगों को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखने तथा शीघ्र वार्ता कर संशोधित विज्ञप्ति जारी करने की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया।*

*सात दिन का समय, मांगें नहीं मानी तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी*

*धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज अपनी मांगों को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से सरकार और प्रशासन के समक्ष रख रहा है। यदि सात दिनों के भीतर सफाई कर्मचारी भर्ती के नियमों में वाल्मीकि समाज के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन नहीं किए गए, तो प्रदेशभर में चरणबद्ध एवं व्यापक आंदोलन किया जाएगा।*

*वक्ताओं ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर प्रदेश के सफाई कर्मचारी, सामाजिक संगठन, ट्रेड यूनियन एवं बेरोजगार युवा एकजुट होकर झाड़ू डाउन हड़ताल सहित लोकतांत्रिक आंदोलन के अन्य कार्यक्रमों की घोषणा करेंगे। उन्होंने सरकार से अपील की कि आंदोलन की नौबत आने से पहले ही समाज की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।*

*भीलवाड़ा के सफाई कर्मचारियों के लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठाया*

*इस अवसर पर राष्ट्रीय वंचित लोकमंच के राष्ट्रीय महासचिव राकेश देसाई ने भी सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विशेष रूप से भीलवाड़ा नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के लंबित समर्पित अवकाश के भुगतान को शीघ्र जारी करने की मांग की।*

*राकेश देसाई ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहरों को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके वैधानिक एवं सेवा संबंधी भुगतानों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना उचित नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई कर कर्मचारियों को उनका लंबित भुगतान दिलाने की मांग की।*

*धरना-प्रदर्शन के समापन पर प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं गांवों से पहुंचे सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं, सफाई कर्मचारियों, ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों एवं युवाओं का आभार व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की एकजुटता ही उसके अधिकारों की सबसे बड़ी ताकत है।*

*कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि यदि निर्धारित समय सीमा में मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो आगामी चरण में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा प्रदेशभर के सफाई कर्मचारियों एवं बेरोजगार युवक-युवतियों से अपने हक एवं अधिकार के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया जाएगा।*