मुकेश खटीक
मंगरोप।केन्द्र सरकार जहां हर-घर तक नल से जल पहुंचाने के दावे कर रही है,वहीं भीलवाड़ा जिले के कई गांव और ढाणियां आज भी भीषण जल संकट से जूझ रही हैं।गर्मी ने अभी पूरी तरह दस्तक भी नहीं दी है,उससे पहले ही पानी की किल्लत लोगों को परेशान करने लगी है।ताजा मामला सुवाणा पंचायत समिति क्षेत्र की आमलीगढ़ पाछली ग्राम पंचायत का है,जहां जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन पिछले करीब आठ महीनों से क्षतिग्रस्त पड़ी है।पाइपलाइन से रोजाना हजारों लीटर पानी जंगल में व्यर्थ बह रहा है,जबकि गांव के लोग पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।ग्रामीण गोविन्द कुमार वैष्णव ने बताया कि वार्ड नंबर 2 में करीब सात वर्ष पहले पनघट योजना के तहत पानी की टंकी स्थापित की गई थी।लगभग एक वर्ष तक इससे ग्रामीणों को राहत मिली,लेकिन बाद में पंचायत की देखरेख के अभाव में टंकी क्षतिग्रस्त हो गई।पानी भरने के लिए लगाई गई कीमती ट्यूबवेल मोटर भी चोर ले गए,जिससे व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।इसी तरह वार्ड नंबर 3 के ग्रामीण मनोहर लाल राव,गणेश सालवी,कालूलाल साहू और गणपत सेन ने बताया कि उनके घरों के पास पनघट योजना के तहत लोहे का ढांचा बनाकर उस पर पानी की टंकी लगाई गई थी।ट्यूबवेल खुदवाकर बिजली कनेक्शन भी कराया गया,जिससे करीब 11 महीनों तक पानी की किल्लत से राहत मिली।लेकिन बाद में पंचायत प्रशासन की लापरवाही के चलते अज्ञात चोर टंकी की टोटियां तक चुरा ले गए और मोटर खराब हो गई।परिणामस्वरूप पिछले छह वर्षों से दोनों टंकियां अनुपयोगी पड़ी हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग और पंचायत प्रशासन ने न तो क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत करवाई और न ही बंद पड़ी टंकियों को दुरुस्त किया।यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आने वाले दिनों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है।
