मण्डल रेल प्रबन्धक आशीष जैन का गहन निरीक्षण
वाराणसी/बलिया। स्मार्ट हलचल|विकास की नई पटरी पर दौड़ने को तैयार बलिया रेलवे स्टेशन अब जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल स्टेशन के रूप में नजर आएगा। 26 फरवरी 2026 को मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चल रहे पुनर्विकास कार्यों का गहन निरीक्षण कर अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया—“काम में तेजी और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं।” निरीक्षण स्पेशल से बलिया पहुंचे डीआरएम ने प्लेटफार्म संख्या 04 तक पैदल पहुंचकर निर्माण कार्यों की हकीकत परखी। उन्होंने प्लेटफार्म 4 पर चल रहे कार्यों के साथ प्लेटफार्म 1 पर यात्री सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। सेकेंड एंट्री पर बन रहे भवन, आगमन-प्रस्थान लाउंज, वेटिंग एरिया, ग्रीन पार्क और प्रस्तावित रेल कोच रेस्टोरेंट की साइट का जायजा लिया गया। सर्कुलेटिंग एरिया के विस्तार, बुकिंग कार्यालय, 12 मीटर चौड़े फुटओवर ब्रिज, पार्किंग स्थलों और दिव्यांगजन सुविधाओं की प्रगति पर भी विशेष ध्यान दिया गया। प्रथम तल पर बन रही महिला और पुरुष डोरमेट्री, प्रतीक्षालय और विभिन्न कार्यालयों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। डीआरएम ने स्पष्ट कहा कि सभी कार्य तय समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे हों। प्लेटफार्म 1 पर प्रतीक्षालयों और डोरमेट्री के आधुनिकीकरण, यात्री निवास और वीआईपी लाउंज की सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। टीसी रूम, आरक्षण केंद्र, शौचालय, वाटर बूथ, पार्सल कार्यालय और रनिंग रूम की व्यवस्थाओं को परखा गया। सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग की व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर दिया गया। स्टेशन परिसर में धरोहर के रूप में स्थापित डीजल इंजन के रंग-रोगन और रखरखाव को बेहतर करने के निर्देश दिए गए। पार्सल कार्यालय के पास अनाधिकृत प्रवेश को तत्काल बंद कराने को कहा गया। नए भवनों में रेलवे कार्यालयों को शीघ्र शिफ्ट करने की योजना पर बल दिया गया। यात्री निवास को वातानुकूलित करने और गर्मी से राहत की तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया। ग्रीष्मकाल को देखते हुए सभी पंखों को क्रियाशील रखने और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। नए वाटर कूलर लगाने और वाटर टैप सुचारू रखने पर विशेष जोर रहा। निरीक्षण के दौरान केंद्रीकृत स्टेशन पैनल, इंटरलॉकिंग और संरक्षा उपकरणों की गहन जांच की गई। कुंजी हस्तांतरण रजिस्टर और अनुरक्षण अभिलेखों की भी समीक्षा हुई। प्वाइंट्स एंड क्रॉसिंग, स्विच एक्सटेंशन जॉइंट्स और ग्लूड जॉइंट्स का मापन कर मानकों की पुष्टि की गई। सिग्नलों की दृश्यता और कर्वेचर की संरक्षा का परीक्षण किया गया। इसके बाद अप लाइन पर बलिया-गाजीपुर सिटी रेलखंड में प्वाइंट क्रॉसिंग संख्या 203 ए एवं बी का निरीक्षण हुआ। स्विच एक्सटेंशन जॉइंट 36 और किमी 80/2 पर कर्व संख्या 20 का भी बारीकी से परीक्षण किया गया। डीआरएम ने स्पष्ट किया कि संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) विकास कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर-2 विनीत कुमार, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। विद्युत, सिग्नल एवं दूरसंचार, संरक्षा और परिचालन विभाग के अधिकारी भी साथ रहे। बलिया स्टेशन के कर्मचारी और पर्यवेक्षक भी निरीक्षण में शामिल हुए। जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने मीडिया को बताया कि पुनर्विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बलिया स्टेशन को आधुनिक, सुरक्षित और यात्री अनुकूल बनाया जा रहा है। आने वाले समय में बलिया स्टेशन पूर्वांचल का आकर्षक और सुविधासंपन्न रेलवे हब बनेगा। यात्रियों को बेहतर लाउंज, स्वच्छ परिसर और अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। बलिया की पहचान अब एक आधुनिक स्टेशन के रूप में भी स्थापित होगी। विकास की इस रफ्तार ने स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगा दी है।










