अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल|शहर के प्रमुख राजकीय चिकित्सालय अमृतकौर अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में लाखों रुपये की लागत से लगाया गया फायर फाइटिंग सिस्टम आज देखरेख के अभाव में कंडम होता नजर आ रहा है। अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर फायर फाइटिंग सिस्टम के नोजल गायब हैं, कहीं पाइप क्षतिग्रस्त पड़े हैं तो कई जगह फायर बॉक्स जर्जर अवस्था में नजर आ रहे हैं। वर्षों से नियमित रखरखाव और निरीक्षण नहीं होने के कारण यह सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई है।
अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज, उनके परिजन और चिकित्साकर्मी मौजूद रहते हैं। ऐसे में आगजनी जैसी आपात स्थिति उत्पन्न होने पर यह सिस्टम किसी काम का नहीं रह जाएगा, जिससे जनहानि की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में देशभर के कई अस्पतालों में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं, बावजूद इसके स्थानीय स्तर पर फायर सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
स्थानीय लोगों व मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा विभाग से मांग की है कि फायर फाइटिंग सिस्टम की तत्काल मरम्मत कर इसे पूर्ण रूप से क्रियाशील किया जाए तथा नियमित निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।


