प्रख्यात कथाकार मनीषा कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में आयोजन, इस बार रघुनंदन त्रिवेदी की स्मृति को समर्पित; देशभर के साहित्यकार होंगे शामिल
जयपुर, 31 मार्च। स्मार्ट हलचल|हिंदी साहित्य प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। ‘कथाकहन’ नामक तीन दिवसीय प्रतिष्ठित कार्यशाला का छठा संस्करण 3 से 5 अप्रैल तक आयोजित होने जा रहा है। इस बार यह आयोजन जोधपुर में जन्मे हिंदी के विरले कथाकार रघुनंदन त्रिवेदी की स्मृति को समर्पित रहेगा।
यह कार्यशाला जयपुर के कानोता कैंप के प्राकृतिक और शांत वातावरण में आयोजित होगी, जहां देशभर से साहित्य प्रेमी, लेखक और कथाकार जुटेंगे। कानोता कैंप के संचालक बहादुर सिंह राठौड़ की साहित्यिक रुचि इस आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान कर रही है।
कार्यशाला में हिंदी साहित्य के कई दिग्गज रचनाकार शिरकत करेंगे। प्रमुख वक्ताओं में सत्यनारायण, विनोद भारद्वाज, डॉ. विनय कुमार, संजीव पालिवाल, यतींद्र मिश्र, गीत चतुर्वेदी, प्रभात रंजन, जयप्रकाश पांडे, पंकज सुबीर सहित कई अन्य नाम शामिल हैं।
इसके अलावा चित्रकार अखिलेश, कथक नृत्यांगना रचना यादव, लेखिका दिव्या माथुर, कर्नल गौतम राजऋषि, तसनीम, सुजाता शिवेन, रोहिणी कुमारी, पटकथा लेखक पुनीत शर्मा, पूनम अरोड़ा तथा कनुप्रिया भी सहभागिता करेंगे।
विशेष आकर्षण के रूप में रघुनंदन त्रिवेदी की चुनी हुई कहानियों का मंचन किया जाएगा, जिसके लिए जोधपुर से प्रसिद्ध नाटककार अरु व्यास, स्वाति व्यास और तनुज टाक विशेष रूप से आएंगे।
आयोजन मंडल में अंशु कुलश्रेष्ठ, कुश वैष्णल, उजला लोहिया और शिप्रा भाटी शामिल हैं।
कार्यशाला की संयोजक मनीषा कुलश्रेष्ठ ने बताया कि ‘कथाकहन’ का उद्देश्य केवल कहानी सुनना नहीं, बल्कि कहानी कहने की कला को जीवंत बनाए रखना, नई पीढ़ी को प्रेरित करना और साहित्यिक संवाद को बढ़ावा देना है। पिछले पांच वर्षों में यह कार्यशाला हिंदी साहित्य जगत में एक महत्वपूर्ण वार्षिक आयोजन के रूप में स्थापित हो चुकी है।
