राकेश मीणा
जयपुर | स्मार्ट हलचल|आदिवासी समाज को शिक्षा और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में आदिवासी प्रगतिशील संगठन ने एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल की है। संगठन की अगुवाई में जयपुर स्थित सामुदायिक भवन को हाईटेक शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो आने वाले समय में आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनेगा।
इस प्रस्तावित हाईटेक शिक्षा केंद्र में डिजिटल क्लासरूम, स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर लैब, ई-लाइब्रेरी, ऑनलाइन लर्निंग सिस्टम, करियर गाइडेंस सेल एवं स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य आदिवासी, ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष, प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाना है।
*अध्यक्ष जे.पी. मीणा का बयान*
*आदिवासी प्रगतिशील संगठन के अध्यक्ष श्री जे.पी. मीणा ने कहा —*
“*यह हाईटेक शिक्षा केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। हमारा लक्ष्य है कि समाज के हर बच्चे को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और तकनीकी शिक्षा मिले, ताकि वह आत्मनिर्भर बने और देश के विकास में भागीदार बने। शिक्षा ही समाज को सम्मान, अवसर और नई पहचान दिलाएगी।”*
*उन्होंने आगे कहा कि संगठन का उद्देश्य युवाओं को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि कौशल, रोजगार और नेतृत्व क्षमता से भी सशक्त बनाना है।*
युवाओं को मिलेगा कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर
हाईटेक शिक्षा केंद्र के माध्यम से युवाओं को डिजिटल स्किल्स, कंप्यूटर ट्रेनिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, स्टार्टअप ओरिएंटेशन, स्वरोजगार प्रशिक्षण और करियर काउंसलिंग जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकेंगे।
समाज के विकास की दिशा में दूरदर्शी कदम
यह पहल केवल एक शैक्षणिक परियोजना नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक उत्थान का मजबूत माध्यम है। जयपुर के सामुदायिक भवन में बनने वाला यह हाईटेक शिक्षा केंद्र समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बनेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान और तकनीक की मजबूत नींव रखेगा।
समाज से सहयोग की अपील
अध्यक्ष जे.पी. मीणा ने समाज के भामाशाहों, युवाओं एवं प्रबुद्धजनों से अपील की कि वे इस शिक्षा अभियान में सहयोग करें, ताकि यह केंद्र शीघ्र प्रारंभ होकर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभ पहुंचा सके।













