आनंदीपुरा स्कूल में ‘नवभारत साक्षरता’ अभियान का शंखनाद: 46 महिलाओं और 30 पुरुषों ने दी परीक्षा

बदनोर (भीलवाड़ा)। क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय आनंदीपुरा (पाटन) में 15 मार्च 2026 को शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार ‘नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ (NILP) के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा का गरिमामय आयोजन किया गया। यह आयोजन केंद्राधीक्षक हीरालाल गुर्जर एवं प्रधानाध्यापक जयराम गुर्जर के कुशल नेतृत्व एवं सूक्ष्म पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।

उत्साह का वातावरण: बुजुर्गों ने भी थामी कलम

गाँव को पूर्ण साक्षर बनाने के संकल्प के साथ आयोजित इस परीक्षा में कुल 76 प्रौढ़ परीक्षार्थियों ने अपना पंजीकरण करवाकर भाग लिया। शिक्षा के प्रति इस अलख की सबसे सुखद तस्वीर महिलाओं की भागीदारी रही, जहाँ 46 महिलाओं ने घूँघट की ओट से निकलकर अक्षरों की दुनिया में कदम रखा। वहीं 30 पुरुषों ने भी उत्साहपूर्वक परीक्षा देकर अपनी सीखने की ललक को साबित किया। परीक्षार्थियों ने न केवल अपना नाम लिखना सीखा, बल्कि बुनियादी गणितीय गणनाओं और अक्षर ज्ञान का भी परिचय दिया।

टीम भावना से मिली सफलता

इस महा-अभियान को धरातल पर सफल बनाने के लिए प्रभारी कमलेश शर्मा के साथ सह-प्रभारी दीपक पुनिया एवं प्रेम देवी ने सराहनीय भूमिका निभाई। इन प्रभारियों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को साक्षरता के लाभ समझाए और उन्हें परीक्षा केंद्र तक लाने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय स्टाफ की इस सक्रियता और समर्पण की पूरे पाटन क्षेत्र में चर्चा हो रही है।

साक्षरता से आत्मनिर्भरता का संदेश

प्रधानाध्यापक जयराम गुर्जर ने बताया कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना नहीं, बल्कि यह ग्रामीणों को बैंक के कार्यों, मोबाइल के उपयोग और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम है। केंद्राधीक्षक हीरालाल गुर्जर ने सभी सफल परीक्षार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। ग्रामीणों ने विद्यालय के इस शैक्षणिक नवाचार की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे गाँव के विकास के लिए मील का पत्थर बताया।