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रतनलाल मीणा की हत्या का मामला दर्ज नहीं होने पर मीणा समाज एवं ग्रामीण जनों में आक्रोश

जिला पुलिस अधीक्षक और जिला कलक्टर को जांच अधिकारी परिवर्तन करने सहित हत्या का मामला दर्ज करने का सौंपा ज्ञापन।

चित्तौड़गढ़। स्मार्ट हलचल/जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी को ज्ञापन सौंपकर विरिया खेड़ी निवासी, निम्बाहेड़ा निवासी मृतक रतन लाल मीणा के भाई चांदमल मीणा ने बताया कि 10 नवम्बर 2024 को उसने पुलिस थाना सदर निम्बाहेड़ा जिला चित्तौड़गढ़ में उसके छोटे भाई रतनलाल मीणा पिता कालूराम मीणा की गुमशुदगी की रिपोर्ट प्रस्तुत की लेकिन उक्त रिपोर्ट को पुलिस अधिकारियों द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया और इसी लापरवाही के चलते मेरे भाई रतनलाल की संदेहात्मक मृत्यु हो गई। इसके बाद भी पुलिस आज तक निष्पक्ष कार्रवाई करने से बच रही है।
मृतक के भाई चांदमल ने कहा कि रिपोर्ट पर कार्यवाही नहीं होने पर मृतक के परिवारजनों और गांव के लोगों द्वारा दो दिनों तक तलाश करने के बाद 12 नवंबर 2024 को करीब 2 से 3 बजे के लगभग गांव से 500 मीटर की दूरी पर स्थित तालाब में रतनलाल की लाश तैरती हुई मिली तो गांव वालों द्वारा शव निकाल कर निम्बाहेड़ा चिकित्सालय लाया गया जहां पर चिकित्सकों ने रतनलाल को मृत घोषित कर दिया।
रतनलाल के शरीर पर चोटों के निशान और दाया हाथ कंधे के यहां से टूटा हुआ था, गले में चोट के निशान थे ऐसा लग रहा था कि जैसे किसी ने उसका गला दबाया हो, रतनलाल के शव पर नाक के पास चोट के निशान, होट के नीचे का हिस्सा फटा हुआ था तथा पसलियां टूटी हई थी। शव को पीछे से पलटने पर कमर व पीठ पर खरोचों व चोटों के निशान थे जिससे मृतक रतन लाल की हत्या से इंकार नहीं किया जा सकता।
चांद मल ने बताया कि ग्रामीणों से पता चला कि मृतक रतनलाल के साथ अंतिम बार कालू पिता भरत मीणा निवासी विरियाखेडी, राहुल पिता बाबूलाल बंजारा निवासी नारदिया तहसील निम्बाहेड़ा जिला चित्तौड़गढ़ एवं अर्जुन पिता बसंतीलाल मीणा निवासी विरियाखेडी, भूरालाल बंजारा पिता अमर उर्फ अमरालाल बंजारा निवासी नारदिया तहसील निम्बाहेडा जिला चित्तौड़गढ़ को साथ देखा गया था और उक्त घटना के बाद से ही कालू मीणा ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया और पूछने पर सही जवाब नहीं देता है। जिससे यह प्रतीत होता है कि रतनलाल की मृत्यु डूबने से नही होकर उसकी हत्या की गई है। इसकी जानकारी 13 नवंबर को निम्बाहेड़ा थाना में दी गई जिस पर पुलिस वालों ने लापरवाही कर सिर्फ पूछताछ करके छोड दिया। उस दिन से तीनों अभियुक्तगण अपने गांव नारदिया के निवासी होकर घर पर नहीं है तथा फरार हो गये है।
मृतक रतनलाल मीणा के समाज जनों और परिजनों ने जिला पुलिस अधीक्षक को जांच अधिकारी परिवर्तन करने सहित आरोपियों के मोबाइल घटना के समय एवं स्थान ट्रेस कराने सत्यता की जांच करने का आग्रह किया है।

जिला पुलिस अधीक्षक और जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपते समय मीणा समाज विकास संस्था चित्तौड़गढ़ संरक्षक शिवराज मीणा, एडवोकेट चमन मीणा, रामेश्वर बैरवा एससी-एसटी महासंघ अध्यक्ष, राहुल मीणा चामटीखेड़ा, पप्पू राज मीणा विरिया खेड़ी, बबलू मीणा भाई, गोविंद खटीक, दिल्ली चंद मेघवाल, चांदमल मेघवाल, गोपाल मीणा, देवीलाल खटीक, दिनेश मीणा, कालू मीणा, भागीरथ मीणा, ताराचंद मीणा, कालूराम मीणा पिता, चांदमल मीणा बड़ा भाई, लच्छी मीणा, सहित समाजजन मौजूद थे।

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