ब्यावर में जीव दया सेवा संस्था की मिसाल: 7 दिनों में 17 जंगली कछुओं का रेस्क्यू, वन विभाग को सौंपा

अनिल कुमार

ब्यावर।स्मार्ट हलचल|पर्यावरण एवं वन्य जीव संरक्षण की दिशा में कार्यरत श्री जीव दया सेवा संस्था ने सराहनीय पहल करते हुए पिछले सात दिनों में विभिन्न स्थानों से 17 जंगली कछुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। संस्था ने इन सभी कछुओं को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया है, जिन्हें जल्द ही उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ा जाएगा।संस्था के सचिव कपिल सेन ने बताया कि कछुए प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र और जलाशयों को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन जानकारी के अभाव या लालच में आकर कुछ लोग इन्हें घरों में पाल लेते हैं या इनकी खरीद-फरोख्त करते हैं, जो कि पूरी तरह से गैरकानूनी है।

घर में कछुआ पालने पर होगी 7 साल की जेल
सचिव कपिल सेन ने सचेत करते हुए कहा कि भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत अधिकांश देशी कछुए संरक्षित वन्यजीव की श्रेणी में आते हैं। इन्हें पकड़ना, बेचना, खरीदना या घर में पालतू बनाकर रखना कानूनी अपराध है। ऐसा करने पर 7 वर्ष तक का कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

संस्था ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी संकटग्रस्त वन्य जीव दिखे या कोई इसे अवैध रूप से रखे हो, तो उसकी सूचना तुरंत वन विभाग या संरक्षण संस्थाओं को दें।