आध्यात्मिक क्रांति: 16 साल की उम्र में संसार को अलविदा कहेंगी अंजू जैन, 19 अप्रैल को राणावास में लेंगी दीक्षा

अनिल कुमार

ब्यावर की लाड़ली मुमुक्षु अंजू जैन लेंगी भगवती दीक्षा; राणावास में सजेगा संयम का मंडप*

स्मार्ट हलचल|ब्यावर आज की भौतिकतावादी चकाचौंध के बीच, जहाँ युवा करियर और सुख-सुविधाओं की ओर भाग रहे हैं, वहीं मात्र 16 वर्ष की अल्पायु में मुमुक्षु अंजू जैन ने संसार की समस्त मोह-माया त्यागकर संयम पथ पर चलने का कठोर निर्णय लिया है।अजमेर निवासी नौरत कंवर एवं इंद्र सिंह चौहान की सुपुत्री मुमुक्षु अंजू आगामी 19 अप्रैल को मारवाड़ जंक्शन के निकट शिक्षा नगरी राणावास में जैन भगवती दीक्षा ग्रहण कर श्रमण संघ की साध्वी बनेंगी।

​ *4 साल की कठिन साधना और अटूट श्रद्धा*
*मुमुक्षु अंजू पिछले 4 वर्षों से महासती मंडल के पावन सान्निध्य* में वैराग्य जीवन व्यतीत कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने जैन धर्म के गूढ़ रहस्यों, सूत्रों, थोकड़ों और आगमों का गहन अध्ययन किया है। उन्हें प्रतिक्रमण सूत्र सहित कई थोकड़े कंठस्थ हैं। राजस्थान सिंहनी गुरु माता महासती पुष्पवती एवं डॉ. राजमती जी म.सा. की पावन प्रेरणा से उन्होंने इस आध्यात्मिक मार्ग को चुना है।

​ *संतों का होगा महाकुंभ*
दीक्षा महोत्सव के अवसर पर श्रमण संघ के प्रवर्तक श्री सुकून मुनि सा, उप-प्रवर्तक अमृत मुनि सा, वयोवृद्ध गुरुमाता पुष्पवती जी एवं उपप्रवर्तनी साध्वी रत्ना राजमति जी सहित देश भर से अनेक संत-साध्वी इस मंगलकारी उत्सव में शिरकत करेंगे। दीक्षा की समस्त विधि प्रवर्तक श्री सुकून मुनि सा के मुखारविंद से संपन्न होगी।
​ *ब्यावर में होगा भव्य अभिनंदन*
दीक्षा से पूर्व, ब्यावर के जैन समाज द्वारा मुमुक्षु अंजू के इस ऐतिहासिक निर्णय की अनुमोदना की जा रही है। रविवार दोपहर 1:30 बजे परमेश्वर नगर स्थित मुक्ता मिसरी भवन में एक भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। श्री मरुधर केसरी सेवा समिति और श्री वीर संघ के नेतृत्व में अंजू का बहुमान एवं अभिनंदन किया जाएगा। इस दौरान महिला मंडल द्वारा चौबीसी गीतों के माध्यम से वैराग्य की महिमा का गुणगान किया जाएगा