Homeभीलवाड़ाअरावली बचाओ आंदोलन के तहत सुराज से किड़िमाल तक पैदल मार्च

अरावली बचाओ आंदोलन के तहत सुराज से किड़िमाल तक पैदल मार्च

सरकार पर बरसे पूर्व राजस्व मंत्री रामलाल जाट

करेड़ा। अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर अरावली बचाओ जन आंदोलन के तहत आसींद क्षेत्र के सुराज गांव से करेडा के किड़िमाल स्थित अंतर्राष्ट्रीय तीर्थ स्थल बेमाता तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला गया। पैदल मार्च का समापन बेमाता मंदिर परिसर में हुआ।
इस दौरान पूर्व राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। जाट ने कहा कि प्रदेश में मनरेगा जैसी गरीबों की रोजगार योजना को कमजोर किया जा रहा है और दूसरी ओर अरावली पर्वत श्रृंखला को खनन के नाम पर नष्ट किया जा रहा है। रामलाल जाट ने कहा, “मैं गरीब जनता के साथ हूं। कंधे से कंधा मिलाकर उनके हक की लड़ाई लड़ूंगा और उनकी आवाज बनकर सरकार तक पहुंचाऊंगा। अरावली केवल पहाड़ नहीं, बल्कि हमारे जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा की रीढ़ है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के संरक्षण में अरावली क्षेत्र में अवैध खनन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पर्यावरण, जल स्रोत और ग्रामीण जीवन पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पैदल मार्च के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। सभी ने अरावली को बचाने, अवैध खनन रोकने और मनरेगा को मजबूती देने की मांग उठाई। मार्च के समापन पर बेमाता परिसर में आयोजित सभा में आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार ने अरावली और गरीबों के मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर फैलाया जाएगा। इस दौरान क्षेत्र के बडी संख्या में महिला, पुरूष, युवा पैदल मार्च में शामिल थे

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