अष्टमी पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, माँ दुर्गा के दरबार में गूंजे जयकारे

यज्ञ-हवन, कन्या पूजन और प्रसादी में जुटे हजारों श्रद्धालु, सिंधी समाज के मंदिरों में दिनभर रहा भक्ति का माहौल

सेवा और आस्था में दिखी होड़, शहर बना धार्मिक उत्सव स्थल

भीलवाड़ा। चैत्र नवरात्रि की अष्टमी के पावन पर्व पर गुरुवार को भीलवाड़ा शहर पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और हर ओर “जय माता दी” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। सिंधी समाज के मीडिया प्रभारी मूलचंद बहरवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर के विभिन्न प्रमुख मंदिरों में अष्टमी पर्व पर विशेष धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया गया। सिंधु नगर स्थित श्री नवदुर्गा शक्ति मंदिर, वैभव नगर के दुर्गा माता मंदिर, गोकुलम विलाज के हिंगलाज माता मंदिर तथा खत्री कॉलोनी स्थित मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ यज्ञ-हवन और कन्या पूजन किया गया। इन आयोजनों में श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्ति भाव से भाग लिया। वहीं, शहर की शाम की सब्जी मंडी स्थित झूलेलाल मंदिर में 19 मार्च से चल रही घट स्थापना के आठवें दिन विशाल यज्ञ-हवन, पूजन और कन्या पूजन के बाद प्रसादी का भव्य आयोजन हुआ। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल से सराबोर हो गया। अष्टमी के इस विशेष अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर पांडाल सजाए गए, जहां दिनभर धार्मिक अनुष्ठान और भजन-कीर्तन का आयोजन चलता रहा। यज्ञ में आहुति देने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। वहीं, प्रसादी वितरण और सेवा कार्यों में भी लोगों के बीच होड़ सी लगी रही, जिससे सेवा और समर्पण का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रमों में समाज के कई गणमान्य नागरिकों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिनमें नारायण जेठानी, गोर्धन जेठानी, नानकराम जेठानी, महाराज बाबूलाल शर्मा, खेमचंद कान्जानी, हेमन भोजवानी, मोहन तुल्सियानी, सुरेश लहरानी, मनोहर लालवानी, दौलत सामतानी, सुषमा गुर्याणी, राजेश माखीजा, सतीश शर्मा, अमित वासुदेव शर्मा, ओम गुलाबानी, तुलसी निहालानी, कमल वैशनानी, गुलशन विधानी, हर्षिता विधानी, सुनीता तुल्सियानी, सुरेश भोजवानी, किशोर लखवानी, जय मोतियानी, चंद्र प्रकाश तुल्सानी, महेश खोतानी, राजेश थुरवानी, हेमन कोरानी, दयालदास और रिया बहरवानी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। अष्टमी के इस पावन अवसर पर शहर का हर कोना भक्ति, आस्था और उल्लास से सराबोर दिखाई दिया। मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि माँ दुर्गा के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा आज भी वैसी ही बनी हुई है।