पुनित चपलोत
भीलवाड़ा । शहर के हृदय स्थल आजाद चौक में बढ़ते अतिक्रमण और चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था के विरोध में सोमवार को स्थानीय व्यापारियों ने अपनी दुकानें दोपहर 1 बजे तक बंद रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। फिर व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आजाद चौक से कलेक्ट्रेट तक पैदल रैली निकाली और जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर गेट के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अवैध कब्जों को तुरंत हटाने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने प्रशासन को बताया कि आजाद चौक में करोड़ों-अरबों रुपये की सरकारी जमीन पर ठेले वालों और केबिन संचालकों ने अवैध कब्जा कर रखा है।
व्यापारियों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से पार्किंग की जगह पर अवैध केबिन और ठेले लगाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, इन जगहों को अवैध रूप से किराए पर देने और खरीद-फरोख्त करने का काला खेल भी चल रहा है।
आजाद चौक में प्रतिदिन हजारों लोग खरीदारी के लिए आते हैं, लेकिन सड़कों पर ठेलों के कब्जे के कारण भीषण जाम लगा रहता है। इससे आम नागरिकों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। निवासियों का कहना है कि इन अवैध गतिविधियों के कारण क्षेत्र में अपराध बढ़ने का अंदेशा है और आम नागरिकों की सुरक्षा ताक पर है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नगर निगम द्वारा पार्किंग के बोर्ड लगाए जाने के बावजूद, राजनीतिक रसूख के चलते इन अतिक्रमणकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ज्ञापन में आजाद चौक निवासीगण एवं समस्त दुकानदार संघ ने मांग की है कि 45 सालों से जमे अवैध कब्जेधारियों और केबिनों को तुरंत हटाया जाए, आजाद चौक को वन-वे घोषित किया जाए ताकि ट्रैफिक का दबाव कम हो सके। नगर निगम और प्रशासन किसी भी राजनीतिक दबाव में आए बिना आम जनता को राहत दिलाए। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ और पार्किंग स्थल को मुक्त नहीं कराया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।


