अनिल कुमार
जिला ब्यावर
ब्यावर | राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की महत्वाकांक्षी योजना “शुद्ध आहार मिलावट पर वार” के तहत ब्यावर जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज हो गया है। जिला कलेक्टर कमल राम मीणा के विशेष निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय गहलोत के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा दल ने जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण किया।
दूध-घी से लेकर फल-सब्जियों तक की जांच
अभियान के दौरान टीम ने बाजार में बिकने वाले प्रमुख खाद्य पदार्थों जैसे दूध, दही, पनीर, घी, वनस्पति तेल, आइसक्रीम, बर्फ और कोल्ड ड्रिंक्स के नमूने लिए। स्वास्थ्य विभाग की यह टीम न केवल डेयरी उत्पादों, बल्कि फल और सब्जियों की शुद्धता पर भी पैनी नजर रख रही है।
विशेष रूप से:
सब्जियों में प्रयुक्त हानिकारक रंगों की पहचान के लिए कैरोटीन परीक्षण किए जा रहे हैं।
फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाली एथिलीन गैस की मात्रा की भी सघन जांच की जा रही है।
व्यापारियों को सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने व्यापारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे केवल उच्च गुणवत्ता और शुद्ध खाद्य पदार्थों का ही विक्रय करें। प्रतिष्ठानों पर साफ-सफाई और स्वच्छता के मानकों (Hygiene Standards) में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“यह अभियान आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा। होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों की नियमित जांच होगी। यदि कहीं भी मिलावट या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।” > — डॉ. संजय गहलोत, CMHO, ब्यावर
आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं
प्रशासन की इस सक्रियता से मिलावटखोरों में हड़कंप मचा हुआ है। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। जांच दल द्वारा लिए गए नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
