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पुलिस अधीक्षक की सख्ती के बावजूद भी खाकी को बदनाम करने वाले पुलिसकर्मियों का ऑडियो वायरल पर भी कार्रवाई नहीं होना आश्चर्यजनक

– आरोपी हैड कांस्टेबल सत्यप्रकाश जाट का माफियाओं से सांठगांठ का वायरल ऑडियो आमजन में बन रहा चर्चा का विषय-जिम्मेदार भी मौन

– एक सप्ताह के बाद भी आरोपी पुलिसकर्मियों के विरूद्ध कार्रवाई नहीं-जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल ?

– वायरल ऑडियो प्रकरण में अब तक जांच नहीं-एक ओर हैड कांस्टेबल पर किसानो को परेशान करने व दूसरे प्रकरण में आरोपियों को संरक्षण देकर हमला करवाने का आरोप

टोंक/अलीगढ़। स्मार्ट हलचल|जिला पुलिस अधीक्षक टोंक राजेश कुमार मीणा (आईपीएस) इन दिनों जिले में आपराधिक गतिविधियों व अवैध बजरी माफियाओं पर पूरी तरह से अंकुश लगाने में अपना दम-खम लगाए हुए हैं। वही इसके विपरीत उनियारा सर्किल क्षेत्र के अलीगढ़ थाना क्षेत्र में हालात उल्टे नजर आ रहे हैं। जिसके चलते उनियारा सर्किल क्षेत्र में इन दिनों अलीगढ़ थाना सहित समूचे सर्किल में कुछ पुलिस वाले खाकी को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। आपको बता दे चले कि एक सप्ताह पूर्व अलीगढ़ थाने के हैड कांस्टेबल सत्यप्रकाश जाट का बजरी माफिया से गहरी सांठगांठ का ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें उसे दौरान तत्कालीन थाना अधिकारी पवन कुमार चौधरी की संदिग्ध भूमि का सामने आई थी क्योंकि वायरल ऑडियो में भ्रष्ट आचरण का हैड कांस्टेबल सत्यप्रकाश बजरी माफियाओं से अधिकारी की बात कराने का जिक्र करता हुआ नजर आया था, जिसमें अधिकारी यानी थाना प्रभारी से बात कराने के बाद ही अवैध बजरी से भरे पांच ट्रैक्टर-ट्राली को सांठगांठ से सिग्नल देकर एंट्री दी गई थी। उक्त प्रकरण को एक सप्ताह होने के बावजूद भी वायरल ऑडियो में लिप्त पुलिसकर्मियों पर आज तक भी कार्रवाई नहीं होना आश्चर्यजनक है। वहीं क्षेत्र में चाय की थडियों से लेकर चौराहों पर बैठने वाले लोगों में वायरल ऑडियो प्रकरण चर्चा का विषय बना हुआ है। हैड कांस्टेबल सत्यप्रकाश जाट का माफियाओं के साथ ऑडियो वायरल होने के बाद भी पुलिस आलाकमान द्वारा सख्त कार्रवाई में देरी आमजन के लिए कोतुहल का विषय बना हुआ हैं। एक सप्ताह के बाद भी भ्रष्ट आचरण के पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही में देरी होने से आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास उठता जा रहा हैं। वहीं अब आमजन की जुबान पर एक ही कयास है कि भ्रष्ट आचरण के हैड कांस्टेबल को आखिरकार किस राजनेता का संरक्षण मिला हुआ है कि ऑडियो वायरल होने के एक सप्ताह बाद भी खाकी को बदनाम करवाने वाले हैड कांस्टेबल सत्यप्रकाश जाट पर उचित कार्रवाई नहीं होना पुलिस महकमे की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं। हालांकि हैड कांस्टेबल सत्यप्रकाश जाट का आडियो वायरल होने पर जिला पुलिस अधीक्षक टोंक के निर्देश पर उनियारा के तत्कालीन वृताधिकारी अनुज डाल द्वारा कार्रवाई में तत्परता दिखाई गई थी, लेकिन प्रकरण के 3 दिन बाद ही तत्कालीन वृताधिकारी का स्थानांतरण बीकानेर हो गया है, जिससे भी क्षेत्र के लोगों एवं पुलिस महकमे के लोगों द्वारा भी कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं ऑडियो वायरल होने के बाद भी अलीगढ़ थाना क्षेत्र में बजरी माफियाओं के हौसले दिनों-दिन बुलंद होते जा रहे है। वहीं इस पुरे घटनाक्रम में एक और वाक्या अजीबो-गरीब रहा है कि हैड कांस्टेबल सत्यप्रकाश जाट का बजरी माफिया से गहरी सांठगांठ का ऑडियो वायरल होने के बाद भी कार्रवाई अभी तक पूरी नहीं हुई, वहीं तत्कालीन थाना प्रभारी पवन कुमार चौधरी का जांच पूरी नहीं होने से पहले ही स्थानांतरण मालपुरा कर दिया गया है। जबकि ऑडियो वायरल में थाना प्रभारी की मिलीभगत भी खुलेआम सामने आ रही है।
——– एक ओर हैड कांस्टेबल भंवरलाल मीणा द्वारा किसान को परेशान करने सहित आरोपियों को संरक्षण देकर गरीबों पर अत्याचार कराने का आरोप ——-
इतना ही नहीं मंगलवार को अलीगढ़ थाने के एक ओर हैड कांस्टेबल भंवरलाल मीणा द्वारा पाटोली निवासी कमलेश नामक किसान को आमली मोड़ से आगे सोप रोड़ पेट्रोल पम्प के सामने नाजायज परेशान कर ट्रैक्टर-ट्राली में रखकर खेत में पाईप व खाद ले जाने के दौरान जबरन रूकवाकर ध्वनि प्रदूषण के नाम पर आरएनसी एक्ट का फर्जी मुकदमा बना दिया गया, जबकि पीड़ित किसान कमलेश का आरोप है कि उसके द्वारा किसी भी तरह का कोई ध्वनि प्रदूषण नहीं किया गया, उसके ट्रैक्टर ट्राली में दो-तीन मजदूर ओर बैठे हुए थे। जबकि उसी दौरान सोप की तरफ से अवैध पत्थर से भरे हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली भी पुलिस के सामने से निकले, लेकिन पुलिस ने उनको किसी भी तरह से नहीं रूकवाया और मुझ पीड़ित किसान को ही परेशान किया गया। किसान को नाजायज परेशान करने के मामले में किसान महापंचायत के युवा प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी ने भी आरोपी हैड कांस्टेबल भंवरलाल मीणा के विरूद्ध पुलिस के उच्चाधिकारियों से कड़ी कार्यवाही की मांग करते हुए नाराजगी जाहिर की है।

स्मार्ट हलचल न्यूज़ पेपर 31 जनवरी 2025, Smart Halchal News Paper 31 January 2025
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