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बच्चों को पाने के लिए रोती मां का बुरा हाल : बच्चों की बरामदगी को लेकर एसपी से लगाई न्याय की गुहार, गुलाबपुरा पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप

पुनित चपलोत
भीलवाड़ा । एक महिला ने आरोप लगाया है कि अदालत से अभिरक्षा मिलने के बावजूद गुलाबपुरा थाने की पुलिस उसके नाबालिग बच्चों को उसे सौंप नहीं रही है। किरण कंवर ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थनापत्र में कहा कि पति दौलत सिंह ने मारपीट कर उसे घर से निकालने के बाद बच्चों की झूठी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में कोर्ट ने इक्कीस अप्रैल को तीनों बच्चों को मां की अभिरक्षा में देने का आदेश जारी किया।

किरण का आरोप है कि पुलिसकर्मी ससुराल वालों से मिले हुए हैं और घर ले जाकर भी बच्चों को दिखाने या बरामद कराने के बजाय उन्हें बाहर ही वाहन में बैठाए रखा। किरण ने कहा कि पुलिस से बार बार गुहार करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है जबकि उन्होंने अपनी बच्ची को ससुराल के बाहर खेलते हुए भी देखा।

महिला ने आरोप लगाया की उसके पति ने उस पर दो तीन बार हमला भी किया जब उसने थाने में रिपोर्ट दी तो पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट नही होने का हवाला देकर मामले को दबा दिया गया । महिला ने बताया की उसके बच्चे यही विजयनगर में एक निजी स्कूल में पढ़ते है लेकिन फिर भी उसे बताया जाता है की उसके बच्चे बाहर चेन्नई है यहां नही है । महिला ने बताया की उसने अपने बच्चो को पाने के लिए भीलवाड़ा एसपी और एडिशनल एसपी कार्यालय के कई चक्कर लगाए लेकिन फिर भी न्याय नहीं मिल रहा है ।

पीड़िता किरण कंवर ने कहा कि मेरा विवाह दौलत सिंह से हुआ जिससे हमारी तीन संतान हुई । शादी के बाद मेरे पति ने मेरे साथ और मेरे बच्चों के साथ मारपीट करके मुझे घर से बाहर निकाल दिया इसको लेकर हमने गुलाबपुरा थाने में भी मामला दर्ज करवाया है और बाद में उसके पति दौलत सिह ने उसके कुछ साथियों के साथ मिलकर उसके बच्चों का अपहरण लिया । इसके बाद से ही मैं अपने बच्चों से ना तो मिल पा रही हूं ना ही उन्हें देख पा रही हूं। मेरे पास जिला कलेक्टर और एसडीम ऑफिस से आदेश होने के बावजूद भी गुलाबपुरा थाना पुलिस कार्यवाही नहीं कर रही है। मैं करीब 5 बार एसपी ऑफिस के चक्कर लगा चुकी हूं। और मुझे यहां से वहां घुमाया जा रहा है। मेरा पति कोर्ट से आदेश होने के बाद भी कोर्ट से बच्चों को छीन कर लेकर चला गया वहां पर पुलिस और सब लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा मेरा पति मुझे मेरे बच्चों से मिलने नहीं दे रहा है और मुझे वह बार-बार धमकियां दे रहा है अगर मुझे न्याय नही मिला तो अब मेरे पास मरने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा है।

किरण ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पुनः पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पुलिस लाइन से स्वतंत्र जाप्ता भेजकर तीनों बच्चों को बरामद कर उन्हें सौंपा जाए।

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