नम आंखों से दी भगवान गणेश को विदाई, ‘गणपति बाप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंजा अरिहंत विहार

ओम जैन

शंभूपुरा।स्मार्ट हलचल|चित्तौड़गढ़ शहर के उपनगरीय क्षेत्र सेन्थी के अरिहंत विहार में दस दिनों तक भक्ति, उत्साह और उल्लास का केंद्र बने रहने के बाद आखिरकार विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की विदाई का भावुक क्षण आ आया। अरिहंत विहार कॉलोनी में गणेशोत्सव के समापन पर आयोजित विसर्जन समारोह में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। “गणपति बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के गगनभेदी जयकारों और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ भक्तों ने अपने प्रिय बप्पा को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

हवन-पूजन और महाआरती से हुई शुरुआत

विसर्जन यात्रा से पूर्व सुबह कॉलोनी परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और हवन-पूजन का आयोजन किया गया। इसके बाद भव्य महाआरती संपन्न हुई, जिसमें बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों समेत बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। आरती के पश्चात सभी श्रद्धालुओं में महाप्रसाद का वितरण किया गया।
पूजा-अर्चना के बाद ढोल- नगाड़ो और गुलाल व पुष्पवर्षा के साथ भगवान गणेश की शोभायात्रा निकाली गई।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जमकर पुष्पवर्षा की और आतिशबाजी की। युवा और महिलाएं ढोल- नगाड़ो की धुन पर झूमते नजर आए।
कॉलोनी के मुख्य रास्तों पर जगह-जगह निवासियों ने अपने घरों से शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा कर बप्पा का स्वागत किया।

नम आंखों से दिया अर्घ्य, दिया अगले बरस आने का न्योता

शोभायात्रा निर्धारित विसर्जन स्थल गम्भीरी नदी पहुंची, जहां पूरे विधि-विधान से उत्तर पूजा की गई। जैसे ही प्रतिमा का विसर्जन किया जाने लगा, सभी भक्तों की आंखें छलक आईं। श्रद्धालुओं ने बप्पा के चरण स्पर्श कर क्षेत्र की शांति, समृद्धि और परिवार के आरोग्य की प्रार्थना की।
अरिहंत विहार समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पूरे दस दिन तक कॉलोनी में एकता और भक्ति का वातावरण बना रहा। विसर्जन के बाद सभी ने एक-दूसरे को प्रसाद बांटा और अगले वर्ष फिर से गणेशोत्सव को और भी धूमधाम से मनाने का संकल्प लिया।
इसके बाद महाप्रसादी का आयोजन किया गया।
इस दौरान जीपी गुर्जर, अध्यक्ष गोपाल जटिया, लक्ष्मण मेघवाल, जगदीश वैष्णव, रबिन्द्र प्रधान, ओम जैन शंभूपुरा, ललित टांक, रणजीत आचार्य सहित बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी मौजूद रहे।