शाहपुरा @(किशन वैष्णव)बारहठ महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में एक दिवसीय शिविर का सफल आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पुष्कर राज मीणा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। शिविर के प्रथम सत्र में साइबर क्राइम जागरूकता विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस उपाधीक्षक ओम प्रकाश विश्नोई उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का समाज तीव्र गति से तकनीकी परिवर्तनों की ओर बढ़ रहा है जिसके साथ-साथ अपराधों के स्वरूप भी बदलते जा रहे हैं। साइबर अपराध आज के समय की एक गंभीर चुनौती बन चुके हैं जिनसे बचाव के लिए सतर्कता और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, लिंक फ्रॉड, सोशल मीडिया दुरुपयोग जैसे मामलों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से सावधान रहने की सलाह दी। व्याख्यान माला की अगली कड़ी में डॉ. दलवीर सिंह ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना तथा जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग विषय की उपयोगिता, उद्देश्य और किसानों के जीवन में इनके सकारात्मक प्रभावों को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सतत कृषि के महत्व से अवगत कराया। शिविर के दौरान विद्यार्थियों द्वारा जागरूकता रैली का आयोजन किया गया जिसके माध्यम से आमजन को साइबर सुरक्षा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सचेत किया गया। इसके अतिरिक्त स्वच्छता एवं सामाजिक सेवा की भावना को सुदृढ़ करने हेतु श्रमदान भी किया गया जिसमें एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. रामावतार मीणा ने अपने उद्बोधन में साइबर अपराधों के लोक-लुभावन और छलपूर्ण स्वरूप की चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के प्रलोभन से बचने तथा सोच-समझकर डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की सीख दी। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी प्रो. मुकेश कुमार मीणा ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रो. मूलचंद खटीक, राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला समन्वयक प्रो. धर्मनारायण वैष्णव, डॉ. हंसराज सोनी, प्रो. दिग्विजय सिंह, प्रो. प्रियंका ढाका, प्रो. अजीत सिंह, प्रो. अतुल कुमार जोशी सहित महाविद्यालय के अन्य संकाय सदस्य, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। शिविर का समापन राष्ट्रसेवा और सामाजिक चेतना के संकल्प के साथ किया गया।













