पुनित चपलोत
भीलवाड़ा जिले के रायपुर थाना क्षेत्र में स्थित दुल्हेपुरा , टोलाश सहित विभिन्न गांवो में बजरी माफियाओं के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीण जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में स्थित पॉच पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान पुलिस ने समझाइश करके मामला शांत करवाया हैं। प्रदर्शन के बाद उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया जिसमें उन्होंने बजरी माफिया के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की हैं।
ग्रामीण भैरूलाल जाट ने कहा कि हमारे गांव दुल्हेपुरा के साथ आसपास के गांव में बजरी माफियाओं का आतंक से ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। रतनलाल गुर्जर और सांवरलाल गुर्जर सहित अन्य लोग बजरी भरकर हमारे गांव से निकलते हैं और रात में हमें परेशान करते हैं। इस दौरान बद्री परिवहन करते समय एक्सीडेंट कर देते हैं गायों को अपनी चपेट में ले लेते हैं। आज हम कलेक्टर साहब को ज्ञापन देने के लिए आए हैं और हमने मांग की है कि हमारे क्षेत्र में 5 – 6 महीना से बजरी माफियायों का आतंक हो रहा है। इसलिए बजरी माफियायों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उनके वाहनों को जप्त किया जाए ओर उन्हे गिरफ्तार किया जाए। इस बात की शिकायत लेकर हम थाने में भी गए लेकिन थाने वाले हमारी सुनवाई नहीं करते हैं उल्टा बजरी माफिया हमें थानों वालों के सामने धमकी देते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी बजरी माफियाओं से सांठगांठ कर उन्हें संरक्षण दे रहे हैं, जिसके चलते पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। शिकायत करने पर गिरोह के लोग ग्रामीणों के घर जाकर महिलाओं और बेटियों को धमकाने तथा आपत्तिजनक टिप्पणियां करने से भी नहीं चूकते।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि विशेष टीम गठित कर अवैध बजरी माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए, उनके वाहन जब्त किए जाएं और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही गांववासियों को सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे मजबूरन आंदोलन और गांव बहिष्कार का कदम उठाएंगे।













