स्मार्ट हलचल|बालोतरा जिले की गिड़ा थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी कई जिलों में चोरी के मामलों में वांछित चल रहे हैं।
खेतों में भागते हुए पुलिस ने दबोचा
बालोतरा के पुलिस अधीक्षक रमेश (आईपीएस) ने बताया कि जिले में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत 4 अप्रैल 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि होडू के पास दो युवकों के पास अवैध हथियार हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम सरहद दानपुरा होदी पहुंची, जहां पुलिस वाहन और जाब्ते को देखकर दोनों युवक खेतों की ओर भागने लगे। पुलिस टीम ने तत्परता से पीछा कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। भागने का कारण पूछने पर उन्होंने कबूल किया कि उनके पास अवैध पिस्टल और कारतूस हैं, जिसके कारण वे पकड़े जाने के डर से भाग रहे थे।
हथियार बरामद और मामला दर्ज
नियमानुसार तलाशी लेने पर अशोक कुमार उर्फ अशु के कब्जे से एक अवैध पिस्टल और खुमाराम के कब्जे से दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इस मामले में पुलिस ने निम्नलिखित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
अशोक कुमार उर्फ अशु पुत्र गंगाराम, निवासी नरसाली नाड़ी, थाना बायतु, जिला बाड़मेर।
खुमाराम पुत्र खरथाराम, निवासी पोटलियों की ढाणी, होडू, थाना सिणधरी, जिला बालोतरा।
पुलिस ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 111 (2) (ख), 351 (3) और आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 3/25 (6) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों से उनके आपराधिक नेटवर्क और हथियारों की खरीद-फरोख्त के संबंध में गहन पूछताछ जारी है।
दर्जनों मामलों में वांछित हैं शातिर चोर
पुलिस के अनुसार, दोनों मुल्जिम कई जिलों में चोरी के मामलों में वांछित हैं। आरोपी अशोक कुमार उर्फ अशु पूर्व में सिणधरी, सायला, बालेसर और सोजत से वांछित है तथा इसके खिलाफ पहले से ही 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, खुमाराम भी सोजत थाने से चोरी के एक प्रकरण में वांछित है और उसके खिलाफ भी पूर्व में 2 मामले दर्ज हैं।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बालोतरा) हरफूलसिंह और वृत्ताधिकारी (पचपदरा) विकास कुमार के सुपरविजन में की गई। पुलिस टीम का नेतृत्व गिड़ा थानाधिकारी दलपतसिंह ने किया। इस टीम में एएसआई महेशाराम, और कांस्टेबल देबुसिंह, जुगताराम व हनुमान शामिल रहे।
