बनास बजरी विवाद की आग गांव तक पहुंची: संदेह में युवक पर जानलेवा हमला-मारपीट के बीच फायरिंग से फैली दहशत

रॉयल्टी ठेकेदार से विवाद के बाद गलतफहमी में हमला करने का आरोप-ग्रामीणों ने बचाई जान; पीड़ित पक्ष ने दो दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट-पुलिस जांच में जुटी

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा। स्मार्ट हलचल।उनियारा सर्किल के बनेठा थाना क्षेत्र में बनास नदी के बजरी कारोबार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गांव तक पहुंच गया है। क्षेत्र में मारपीट, कथित फायरिंग और जानलेवा हमले की घटनाओं से भय के साथ तनाव का माहौल बताया जा रहा है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है, जबकि दूसरे पक्ष का बयान अभी सामने आना बाकी है।
*संदेह के आधार पर युवक पर हमला-ग्रामीणों ने छुड़ाया*
पीड़ित युवक फोटूलाल मीणा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार मध्य रात्रि 1 से 2 बजे के बीच सुरेली तट स्थित बनास नदी क्षेत्र में रॉयल्टी ठेकेदार से जुड़े कुछ लोगों तथा मीणा की झोपड़ियां गांव के कुछ व्यक्तियों के बीच बजरी कारोबार को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी और कथित रूप से फायरिंग होने की जानकारी भी बताई जा रही हैं, फायरिंग किसने की पुलिस जानकारी अनुसार अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। इसके बाद शनिवार दोपहर करीब दो बजे गांव में बसराम मीणा की दुकान पर चाय पी रहे फोटूलाल मीणा पर कथित रूप से गांव के ही अशोक मीणा सहित करीब दो दर्जन लोगों ने लाठियों, सरियों, कुल्हाड़ियों एवं अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया। जिससे उसके शरीर व पैर में चोट बताई जा रही हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने फोटूलाल मीणा को जान से मारने की नीयत से घेर लिया। होटल पर मौजूद लोगों तथा शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर उन्हें हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया, जिससे उनकी जान बच सकी।
*’हमले का कारण केवल संदेह’*
पीड़ित पक्ष व ग्रामीणों की जानकारी अनुसार, हमलावरों को संदेह था कि शुक्रवार रात रॉयल्टी ठेकेदार से जुड़े लोगों पर हुआ हमला फोटूलाल मीणा ने करवाया था। इसी शक के आधार पर उनके साथ मारपीट कर जान से मारने का प्रयास किया गया। वहीं फोटूलाल मीणा का कहना है कि उनका इस पूरे घटनाक्रम से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है और उन्हें बेवजह निशाना बनाया गया।
*पत्नी ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराई नामजद रिपोर्ट*
घटना के बाद पीड़ित फोटूलाल मीणा की पत्नी धोली देवी ने बनेठा थाने में अशोक मीणा, रामधन, अमित, विकास मीणा सहित करीब दो दर्जन लोगों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि बजरी विवाद के बाद संदेह के आधार पर उनके पति पर जानलेवा हमला किया गया।
*’ग्रामीण नहीं आते तो हो सकती थी बड़ी वारदात’*
पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि समय रहते ग्रामीण मौके पर नहीं पहुंचते तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों के विरुद्ध तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तथा उन्हें पुलिस संरक्षण मिलने की आशंका है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
*आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड का भी दावा*
पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि नामजद हमलावर आरोपियों में से कई आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और उनके विरुद्ध पूर्व में भी विभिन्न मामले दर्ज हैं, हालांकि इस दावे की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
*पुलिस बोली—जांच के बाद होगी वैधानिक कार्रवाई*
इस सम्बन्ध में जब थानाधिकारी बनेठा भागीरथ सिंह से मामले की जानकारी के लिए हमारे संवाददाता द्वारा फोन किया गया तो उन्होंने कोई फोन कॉल अटेंड नहीं किया। बाद में बनेठा थाने के ड्यूटी ऑफिसर हेड कांस्टेबल रतिराम गुर्जर ने बताया कि पीड़ित पक्ष फ़ोटूलाल मीणा की ओर से उनकी पत्नी द्वारा रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात बनास नदी क्षेत्र, जो आंशिक रूप से चौथ का बरवाड़ा थाना क्षेत्र से भी संबंधित है, वहां बजरी कारोबार से जुड़े लोगों के बीच कथित फायरिंग की सूचना मिली है, जिसकी जांच थाना बनेठा व चौथ का बरवाड़ा पुलिस द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर फोटूलाल मीणा पर हमले के आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शांति भंग की आशंका को देखते हुए भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
*दूसरे पक्ष का पक्ष आना शेष*
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। घटना के संबंध में दूसरे पक्ष का बयान अभी सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।