मुकेश खटीक
मंगरोप।कस्बे के बनास नदी क्षेत्र में इन दिनों अवैध बजरी खनन जोरों पर है बड़ा सवाल यह है कि यह मंगरोप पुलिस थाने से महज 150 मीटर दूर ही बेरोकटोक चल रहा है।पुलिस प्रशासन की अनदेखी के चलते बजरी माफियाओं के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि माफिया रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक अंधेरे का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर नदी से बजरी समेट रहे हैं।स्थानीय लोगों ने बताया कि इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस को कई बार फोन पर की गई,लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की चुप्पी ने माफियाओं की गतिविधियों को और बढ़ावा दे दिया है।ग्रामीणों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के बावजूद लगातार अवैध खनन किया जा रहा है।इससे न केवल कानून की अवहेलना हो रही है,बल्कि पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि पहले ही बनास नदी का प्राकृतिक स्वरूप बुरी तरह प्रभावित हो चुका है।नदी किनारों पर बनी जल संरक्षण की सुरक्षा दीवारों को भीं खोदकर नष्ट किया जा रहा है।यदि स्थिति पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई तो निकट भविष्य में क्षेत्र के लोगों को भयंकर जल संकट से जूझना पड़ सकता है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि समय रहते नदी पेटे में चल रहे अवैध बजरी दोहन पर कठोर कार्रवाई करते हुए पूर्णतःअंकुश लगाया जाए,ताकि भविष्य में जल संरक्षण के प्रयास सुरक्षित रह सकें।













