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पक्षियों की उपयोगिता व प्रकृति में स्थान और महत्व के बारे में चर्चा

जे पी शर्मा

बनेड़ा- पंचायत समिति क्षेत्र के चमनपुरा ग्राम पंचायत के नानोदिया एवं कजलोदिया ग्राम के तालाब पर बच्चों के साथ व गांव जानकार नागरिकों के साथ पक्षियों के प्रकृति के मध्य रिश्ते पर व पक्षियों की उपयोगिता व प्रकृति में स्थान और महत्व के बारे में चर्चा की गई जलाशय पर आने वाले पक्षियों के बारे जानकारी की गई
नानुदिया गांव के शालग राम ने बताया की इस तालाब का निर्माण रियासत काल में करवाया गया था तथा वर्तमान में पंचायत समिति द्वारा उक्त तालाब की देखभाल तथा तालाब में होने वाले मत्स्य पालन ठेका दिया जाता है। इस तालाब से कजलोदिया एवं नानोदिया राजस्व ग्राम के किसानों की लगभग 1000 बीघा जमीन रबी की फसल की बुवाई की जाती है। यह तालाब दोनों गांवों के किसानों की आजीविका का संसाधन है । गांव में सभी जातियों के किसानों की जमीन पेटा काश्त है । तथा इसमें बरन गांव के पहाड़ों से पानी की आवक होती है जो लगभग 5 किलोमीटर दूर से पानी आता है। तथा प्राय यह तालाब हर वर्ष भरता है । इसमें सिंचाई करने के उपरांत नमी क्षेत्र के खेतों में फसल बुवाई की जाती है साथ ही जल स्रोत जानवरों के पीने के लिए तथा पक्षियों के लिए आश्रम स्थल है। जिस पर पहाड़ियों पर से पक्षियों के घोंसले होते हैं । तथा इनके आश्रय के लिए पानी पीने तथा भोजन उपलब्ध होता है । यहां आने वाली पक्षियों के बारे में गांव के बुजुर्ग लोगों ने बताया तथा गांव के बालकों ने भी इसकी जानकारी प्राप्त की गई। फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी सुरेश पाराशर एवं मिट्ठू लाल भी इस संगोष्ठी में भाग लिया जानकारी का आदान प्रदान किया गया।

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