पुनित चपलोत
भीलवाड़ा । राष्ट्रीयकृत बैंकों में 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर मंगलवार को जिलेभर में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के अखिल भारतीय आह्वान पर आयोजित एक दिवसीय हड़ताल के चलते भीलवाड़ा जिले की 130 से अधिक राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं में कार्य नहीं हुआ, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हड़ताल के कारण जिलेभर में नकद लेन-देन, अंतरण और समाशोधन कार्य प्रभावित रहे। अनुमान के अनुसार लगभग ₹1500 करोड़ से अधिक का बैंकिंग कारोबार ठप रहा।
यूएफबीयू की भीलवाड़ा इकाई के तत्वावधान में मंगलवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बसंत विहार शाखा के बाहर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में जिलेभर से आए सैकड़ों बैंक अधिकारी और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रोष जताया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 12वें द्विपक्षीय समझौते में यूनियनों के साथ 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह पर सहमति बन चुकी है, इसके बावजूद भारत सरकार द्वारा अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के कई कार्यालयों, एलआईसी, बीमा क्षेत्र, रिज़र्व बैंक, नाबार्ड सहित अनेक संस्थानों में पहले से ही 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, ऐसे में राष्ट्रीयकृत बैंकों को इससे वंचित रखना वित्त मंत्रालय और आईबीए की हठधर्मिता को दर्शाता है।
आंदोलन में बड़ी संख्या में सेवा निवृत्त बैंक कर्मचारियों ने भी सहभागिता निभाई और आंदोलनरत कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया।
यूएफबीयू ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र ही 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।













