बारां पुलिस का बड़ा खुलासा: कलयुगी दोहिता ही निकला नाना का कातिल, महज ₹2000 के लिए पत्थर से सिर कुचलकर कुएं में फेंकी लाश

खेत पर बने मंदिर के चबूतरे पर सो रहे नाना, शादी के जश्न के बीच रची कत्ल की साजिश

जयपुर 4 अप्रैल। बारां जिले के सारथल थाना क्षेत्र में हुई 80 वर्षीय बुजुर्ग बद्रीलाल की नृशंस हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु के निर्देशन में गठित टीम ने तकनीकी अनुसंधान और 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद आरोपी दोहिते रणजीत को अकलेरा बस स्टैंड से दबोच लिया। आरोपी अपने नाना की हत्या कर बाहर भागने की फिराक में था।
एसपी अंदासु ने बताया कि 27 मार्च 2026 को फरियादी भैरूलाल द्वारा सारथल के सीएचसी में रिपोर्ट दी गई थी कि उसका बड़ा भाई बद्रीलाल (80) खेत पर बने चबूतरे पर पूजा-पाठ करता था और रात को वहीं सोता था। सुबह चाय देने गई भाभी ने देखा कि बद्रीलाल का शव कुएं में पड़ा है, जिसके सिर पर गंभीर चोट और पैर बंधे हुए थे। रिपोर्ट पर पुलिस थाना सारथल में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी के सुपरविजन और वृताधिकारी छबड़ा के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने सारथल, हरनावदाशाहजी, इकलेरा और झालावाड़ क्षेत्र के करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की जांच की और तकनीकी व आसूचना के आधार पर संदिग्ध को चिन्हित किया।
*दोहिता निकला हत्यारा*
पुलिस ने आरोपी रणजीत (25) निवासी ल्हास थाना घाटोली हाल निवासी सारथल को अकलेरा बस स्टैंड से डिटेन कर पूछताछ की, जिसमें उसने अपने नाना बद्रीलाल की हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने अपने नाना से 2000 रुपये मांगे थे। रुपये नहीं देने पर उसने गुस्से में आकर पत्थर से सिर पर वार कर हत्या कर दी।
जांच में सामने आया कि मृतक बद्रीलाल पिछले नौ दिनों से अपने खेत पर बने शंकर भगवान के चबूतरे पर पाठ-पूजा कर रहे थे। 26 मार्च की रात गांव में एक शादी का प्रोग्राम था, जिसके कारण उनकी पत्नी खेत पर नहीं गईं। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर आरोपी दोहिते रणजीत ने सोते हुए नाना के सिर पर पत्थर से दो बार वार कर उनकी हत्या कर दी।
आरोपी कई दिनों से अपने नाना की रैकी कर रहा था। 26 मार्च की रात करीब 1 बजे खेत पर पहुंचा और सोते हुए नाना के सिर पर पत्थर से वार कर हत्या की। फिर शव को घसीटकर कुएं तक ले गया और पैरों को बांधकर पत्थर के साथ कुएं में फेंक दिया। इसके बाद रात भर गायब रहा और सुबह अपनी मौसी गुड्डी बाई के घर जाकर सो गया। अगले दिन शाम 6:00 बजे के करीब सारथल से इकलेरा की तरफ भाग गया। आरोपी और उसकी मां बहुत दिनों से मृतक बद्रीलाल के घर पर ही रह रहे थे।
गिरफ्तार आरोपी रणजीत के खिलाफ झालावाड़ जिले में पहले से चोरी, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित कुल 4 मामले दर्ज हैं।