बुखार के इलाज के बाद 21 वर्षीय युवक की मौत, कथित झोलाछाप डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप

बुखार के इलाज के बाद 21 वर्षीय युवक की मौत, कथित झोलाछाप डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप

मोर्चरी के बाहर जुटे ग्रामीण, कार्रवाई और मुआवजे सहित विभिन्न मांगों को लेकर जताया रोष

बड़लियास। जिले के बड़लियास थाना क्षेत्र में 21 वर्षीय युवक की उपचार के बाद मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने स्थानीय स्तर पर इलाज करने वाले कथित झोलाछाप डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने और लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना के बाद जिला चिकित्सालय की मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन एकत्र हो गए तथा कार्रवाई की मांग को लेकर रोष जताया।

जानकारी के अनुसार बड़लियास निवासी 21 वर्षीय सूरज नाथ पुत्र शिवनाथ योगी को सोमवार शाम हल्का बुखार आया था। परिजन उसे कस्बे में ही एक कथित बंगाली डॉक्टर के क्लिनिक पर लेकर गए। परिजनों का आरोप है कि वहां उपचार के दौरान युवक को इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई।

परिजन गंभीर हालत में सूरज को जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की सूचना मिलने के बाद मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार जिला चिकित्सालय की मोर्चरी के बाहर जमा हो गए।

मृतक के मौसेरे भाई शेरू सहित परिजनों ने आरोप लगाया कि इंजेक्शन लगाने के बाद तबीयत बिगड़ने से सूरज की मौत हुई। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

घटना की सूचना पर बड़लियास थाना प्रभारी जसवंत सिंह पुलिस जाब्ते के साथ जिला चिकित्सालय की मोर्चरी पहुंचे। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने कथित डॉक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। समाचार लिखे जाने तक परिजनों के विरोध के चलते शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था।

ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा क्षेत्र में 24 घंटे चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके साथ ही क्षेत्र में सक्रिय कथित झोलाछाप चिकित्सकों की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई।

भाजपा नेता दिलीप सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से प्रशासन के समक्ष ये मांगें रखी गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को स्थानीय स्तर पर इलाज के लिए मजबूर होना पड़ता है।

हालांकि युवक की मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण क्या रहा, यह पोस्टमार्टम, मेडिकल जांच और संबंधित जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इंजेक्शन और युवक की मौत के बीच सीधा चिकित्सकीय संबंध होने की पुष्टि फिलहाल जांच के बाद ही हो सकेगी।