अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और 12 जून से शुरू होने वाले सेवा शिविरों को लेकर जिला कलक्टर ने ली हाई-लेवल बैठक; लापरवाही पर दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी।
अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल।राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह सख्त निर्देश ब्यावर के जिला कलक्टर कमल राम मीना ने बुधवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए।
कलक्टर मीना ने जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से आगामी 21 जून को होने वाले ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ और 12 जून से प्रारंभ हो रहे ‘ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों’ की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता, जवाबदेही और आपसी समन्वय के साथ फील्ड में उतरने के निर्देश दिए।
योग दिवस पर जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान
जिला कलक्टर ने कहा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रमों की सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। इस आयोजन को एक जन-आंदोलन बनाने के लिए उन्होंने
जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) और सामाजिक संगठनों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता और प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सेवा शिविर: मामलों का होगा शत-प्रतिशत समाधान
12 जून से शुरू हो रहे ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों को लेकर जिला कलक्टर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन शिविरों का उद्देश्य जनता की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करना है। कलक्टर ने बैठक में मुख्य रूप से तीन निर्देश जारी किए:
त्वरित निस्तारण: शिविरों में आने वाले सभी प्रकरणों का शत-प्रतिशत और मौके पर ही त्वरित समाधान किया जाए।
विलेज प्रोफाइल: हर गांव की एक अपडेटेड ‘विलेज प्रोफाइल’ तैयार की जाए ताकि लक्षित लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें सीधा लाभ दिया जा सके।
पट्टा वितरण: शहरी सेवा शिविरों के तहत अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को पट्टे जारी करने की कार्रवाई को प्राथमिकता दें।
कलक्टर की दो टूक:
“सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना हमारा मुख्य कर्तव्य है। जिला स्तरीय अधिकारी अनिवार्य रूप से शिविर स्थलों का औचक निरीक्षण करेंगे और व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे।”
— कमल राम मीना, जिला कलक्टर, ब्यावर
बैठक में ये रहे मौजूद
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर ब्रह्मलाल जाट, उपखंड अधिकारी (SDM) ब्यावर दिव्यांश सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गोपाल लाल मीणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व्यक्तिगत रूप से कलेक्ट्रेट में उपस्थित रहे। वहीं, सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े और अपने-अपने क्षेत्रों की तैयारियों का फीडबैक दिया।
