अनिल कुमार
ब्यावर। स्मार्ट हलचल|राजस्थान सरकार द्वारा पशुपालकों की आर्थिक उन्नति और पशुधन के संरक्षण के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाएं अब धरातल पर वरदान साबित हो रही हैं। ब्यावर पशुपालन विभाग के उपनिदेशक *डॉ. विश्वास कुमार* ने बताया कि विभाग की प्राथमिकताओं में न केवल पशुओं का उपचार है, बल्कि पशुपालकों को जोखिम से बचाना भी शामिल है।
*एक कॉल पर आपके द्वार पहुंचेगी ‘मोबाइल वेटरिनरी वैन’*
डॉ. कुमार ने विशेष जोर देते हुए बताया कि *_टोल-फ्री नंबर 1962_* पशुपालकों के लिए जीवनरक्षक सिद्ध हो रहा है। इस नंबर पर कॉल करते ही जयपुर कंट्रोल रूम के जरिए नजदीकी मोबाइल वेटरिनरी यूनिट सक्रिय हो जाती है। डॉक्टर, सहायक और दवाओं से लैस यह वैन सीधे पशुपालक के घर पहुँचती है और बीमार पशु का मौके पर ही निःशुल्क उपचार करती है।
*मुफ्त दवा और 8 गंभीर बीमारियों का टीकाकरण*
राज्य सरकार की ‘पशुधन निःशुल्क आरोग्य योजना’ के अंतर्गत अब अस्पतालों में दवा के लिए जेब ढीली नहीं करनी होगी। प्राथमिक उपचार से लेकर शल्य चिकित्सा (सर्जरी) तक की दवाएं मुफ्त हैं। साथ ही, विभाग द्वारा घर-घर जाकर खुरपका-मुंहपका और लंगड़ा बुखार जैसी 8 गंभीर बीमारियों के विरुद्ध मुफ्त टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।
*अपील* : डॉ. कुमार ने पशुपालकों से आग्रह किया है कि वे टीकाकरण के दौरान विभागीय कर्मियों को *ओटीपी (OTP)* जरूर दें, ताकि ऑनलाइन पंजीकरण सुनिश्चित हो सके।
*मंगला पशु बीमा योजना: मृत्यु पर 40,000 की आर्थिक सुरक्षा*
पशुपालकों को बड़े आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए ‘मंगला पशु बीमा योजना’ प्रभावी है।
*किसे मिलेगा लाभ:* दो दुधारू गाय/भैंस और 10-10 भेड़-बकरियों का निःशुल्क बीमा।
*जरूरी दस्तावेज:* जनाधार कार्ड के माध्यम से पंजीकरण।
*सहायता:* पशु की आकस्मिक मृत्यु होने पर सरकार द्वारा *40,000* रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
*निष्कर्ष* : उपनिदेशक डॉ. विश्वास कुमार ने सभी पशुपालकों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और अपने पशुधन को स्वस्थ एवं सुरक्षित रखने की अपील की है।
