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बेटियों के हक के लिए ‘लाडो’ की माँ की बड़ी जीत: जिला कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग को दिए जांच के आदेश

शाहपुरा/भीलवाड़ा । प्रदेश की लाखों बालिकाओं के भविष्य से जुड़ी ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शाहपुरा की जागरूक माता प्रियंका गोस्वामी के संघर्ष को बड़ी सफलता मिली है। जिला कलेक्टर भीलवाड़ा ने प्रियंका गोस्वामी के प्रार्थना पत्र पर कड़ा संज्ञान लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग को इस पूरे प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच और तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
​क्या है मामला?
​प्रियंका गोस्वामी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर योजना के नियम 4.1 की याद दिलाई थी, जिसके अनुसार बालिका के जन्म पर ही ₹1.50 लाख की राशि का ‘भौतिक संकल्प पत्र’ दिया जाना अनिवार्य है। प्रियंका का तर्क है कि डिजिटल पोर्टल के अलावा हाथ में सरकारी गारंटी का कागज (संकल्प पत्र) होने पर ही गरीब माता-पिता अपनी बेटी को स्नातक तक पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
​कलेक्टर कार्यालय की बड़ी कार्यवाही।​प्रियंका गोस्वामी द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन पर त्वरित कार्यवाही करते हुए, जिला कलेक्टर कार्यालय के विकास अनुभाग ने उप निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, भीलवाड़ा को आदेश (क्रमांक 44035) जारी किए हैं। आदेश के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
​महिला एवं बाल विकास विभाग इस मामले में तुरंत एक जांच अधिकारी नियुक्त करेगा।
​योजना के तहत भौतिक संकल्प पत्र के वितरण और नियम 4.1 की पालना के संबंध में एक तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
​विभाग को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि इस संबंध में लाभार्थी प्रियंका गोस्वामी से संपर्क कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
​संपूर्ण राजस्थान की बेटियों के लिए संघर्ष
​प्रियंका गोस्वामी ने बताया कि यह लड़ाई केवल उनकी पुत्री गुंजन के लिए नहीं, बल्कि राजस्थान की हर उस बेटी के लिए है जो इस योजना की पात्र है। उनकी जागरूकता के कारण ही पूर्व में सरकार ने पोर्टल पर सुधार कर राशि को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.50 लाख किया था। अब कलेक्टर के इन आदेशों के बाद यह उम्मीद जगी है कि पूरे प्रदेश में भौतिक संकल्प पत्र बांटने की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से शुरू होगी।

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