पुनित चपलोत
भीलवाड़ा। सकल जैन श्वेताम्बर समाज, भीलवाड़ा के तत्वावधान में भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक महोत्सव 2026 को लेकर पूरे शहर में भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण निर्मित हो चुका है। 29, 30 एवं 31 मार्च को आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। महोत्सव को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मजागरण, अहिंसा, संयम और मानवता के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का एक दिव्य अवसर है। समाज के सभी वर्गों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है और हर कोई इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने को आतुर है।
महोत्सव के दौरान भगवान महावीर के पावन जीवन, उनके तप, त्याग और सत्य-अहिंसा के संदेश को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। बच्चों में संस्कार और धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु 27 भवों पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता तथा भगवान महावीर के जीवन पर प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया जाएगा। वहीं नाटिका, संगीतमय भक्तिसंध्या और प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराई जाएगी। प्रातःकालीन प्रभातफेरी, अभिषेक एवं ध्वजारोहण जैसे धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण भक्तिमय रहेगा। महोत्सव के अंतिम दिन 31 मार्च को भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें भगवान महावीर के संदेशों को झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इसी के साथ महोत्सव के दौरान विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन भाग लेकर मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। आयोजकों का मानना है कि रक्तदान महादान है और इसके माध्यम से जरूरतमंदों को जीवनदान देने का पुण्य अवसर प्राप्त होगा। आयोजकों ने शहरवासियों से विशेष अपील करते हुए कहा है कि 31 मार्च को मुख्य आयोजन के अवसर पर अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान दोपहर 2 बजे तक बंद रखकर धर्मकार्य में सहभागिता निभाएं। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज के एकजुट होकर धर्म और सेवा के पथ पर आगे बढ़ने का अवसर है।
महोत्सव को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। संरक्षक मंडल में नवरत्नमल बंब, राजेन्द्र प्रसाद चिपड, जससराज चोरड़िया, विनोद कुमार बंब एवं गोवर्धन सिंह कावड़िया जैसे वरिष्ठजन मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। संयोजक दिलीप मेहता के नेतृत्व में सह-संयोजक नवरत्नमल भलावत, योगेश चंडालिया, पारसमल कूकड़ा एवं ज्ञानमल सुराणा, सुशील चपलोत प्रकाश पीपाड़ा आनंद चपलोत सक्रिय रूप से व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं। कोषाध्यक्ष नरेंद्र सिंह भंडारी, मीडिया संयोजक धर्मेन्द्र कोठारी एवं मनीष बम्ब सहित अनेक कार्यकर्ता अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। प्रेस वार्ता में बताया गया कि महोत्सव को भव्य, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए अलग-अलग समितियों का गठन कर प्रत्येक कार्य की सूक्ष्म योजना बनाई गई है। प्रशासनिक व्यवस्था से लेकर शोभायात्रा, प्रचार-प्रसार, स्नेहभोज और सेवा कार्यों तक हर क्षेत्र में विशेष टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
समिति के अनुसार यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, एकता और सेवा भावना का प्रतीक बनेगा। भगवान महावीर का अहिंसा, अपरिग्रह और सत्य का संदेश आज के युग में और भी प्रासंगिक है, जिसे यह महोत्सव जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। पूरे भीलवाड़ा में इस महोत्सव को लेकर भक्ति की गूंज सुनाई दे रही है और ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो शहर स्वयं धर्ममय हो उठा हो। श्रद्धालु परिवार सहित इस आयोजन में भाग लेने के लिए उत्साहित हैं और महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए समाज पूर्ण रूप से एकजुट नजर आ रहा है। यह आयोजन न केवल आस्था का पर्व है, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवता का जीवंत उदाहरण बनेगा।
