जालकाखेड़ा में भैरवनाथ मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव धूमधाम से सम्पन्न, महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब

काछोला।स्मार्ट हलचल|जालकाखेड़ा गांव स्थित भगवान श्री देवनारायण मंदिर परिसर में भैरवनाथ के नवनिर्मित मंदिर एवं भैरवनाथ की नवीन मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव अत्यंत भव्य, श्रद्धामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। इस पावन अवसर पर पूरे गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक आस्था की अनूठी छटा देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई, जहां महावीर पंडित, दुर्गालाल तिवाड़ी जैसे विद्वान पंडितों द्वारा विधिवत पूजा अर्चना, हवन एवं अनुष्ठान सम्पन्न करवाए गए। प्राण प्रतिष्ठा के दौरान मंदिर परिसर जय श्री देवनारायण और भैरवनाथ बाबा की जय के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना कर परिवार और समाज की सुख समृद्धि की कामना की। इस भव्य आयोजन के अंतर्गत गांव में विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जो मुख्य मार्गों से होते हुए मंदिर परिसर तक पहुंची। इस कलश यात्रा में हजारों महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर सिर पर कलश धारण किए, जो आयोजन की शोभा को और अधिक बढ़ा रहे थे। भक्ति गीतों, ढोल नगाड़ों और बैंड बाजों के साथ निकली इस शोभायात्रा ने पूरे गांव को भक्तिमय माहौल में रंग दिया। जगह जगह ग्रामीणों द्वारा पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया गया, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह और उमंग का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों से पधारे संत महात्माओं एवं पुजारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। दलपुरा श्याम देवनारायण मंदिर के पुजारी रामगोपाल गुर्जर ने युवाओं को संबोधित करते हुए शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और कहा कि आज के समय में शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे समाज प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करें और समाज का नाम रोशन करें।
ककरोलिया घाटी का श्याम देवनारायण मंदिर के पुजारी सांवरमल गुर्जर ने अपने उद्बोधन में कहा कि केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि युवाओं को उद्योग, व्यापार और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना चाहिए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज को आर्थिक रूप से मजबूत बना सकें। सांडेडा श्याम देवनारायण मंदिर जालिया के पुजारी लादूलाल गुर्जर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाकर हर क्षेत्र में सफलता हासिल करें और समाज के लिए प्रेरणा बनें। इस अवसर पर देवनारायण मंदिर के पुजारी रावता गुर्जर, पुजारी चांदमल गुर्जर सहित समस्त जालकाखेड़ा ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन के सफल संचालन में ग्रामीणों एवं युवाओं का विशेष सहयोग रहा, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सभी श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सामूहिक सहयोग का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।