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भांबरा का बाडिया के ईश्वर की यूपीएससी में 555 वी रेंक जिले का नाम किया रोशन

10वी फेल 2 बार यूपीएससी पास एक बार आरएएस में 22वी रेंक

करेड़ा (राजेश कोठारी ) – कहते हैं जिंदगी में हार नहीं मानने वालों की जीत निश्चित है और ऐसा ही कुछ कर दिखाया उप खंड क्षेत्र के छोटे से गांव ज्ञानगढ़ ग्राम पंचायत के भांबरा का बाडिया निवासी ईश्वर गुर्जर ने जिसने सिविल सेवा 2023 में 555वी रेंक के साथ चयन हुआ इससे पूर्व 2022 में 644वी रेंक हासिल की थी जिससे क्षेत्र सहित जिले भर में खुशी की लहर है ईश्वर गुर्जर दसवीं में एक बार फेल हुए फिर भी हताश नहीं हुए और सफलता हासिल की ईश्वर गुर्जर ने बताया कि वर्ष 2011 में वह दसवीं कक्षा की परीक्षा में फेल हो गए तो पढ़ाई छोड़ने का मन बनाया और ओपन बोर्ड से परीक्षा देने का मानस बनाया जिसपर पिता सुवालाल गुर्जर ने कहा इतनी जल्दी पढ़ाई से घबराने की जरूरत नहीं है एक बार फेल होना कोई बड़ी बात नहीं है उसके बाद ईश्वर ने दसवीं में फिर एडमिशन लेकर एग्जाम दिया 2012 में 54 प्रतिशत से पास हुए इसके बाद ज्ञानगढ़ में ही 12वीं कक्षा फर्स्ट क्लास से पास की 12वीं के बाद रेगुलर पढ़ाई नहीं करके एमडीएस यूनिवर्सिटी अजमेर से प्राइवेट बीए पास किया 2019 में थर्ड ग्रेड शिक्षक बने और पास के गांव रूपपुरा में पोस्टिंग मिली ज्ञानगढ़ के ही रहने वाले थे उनके साले महेंद्र पाल गुर्जर जो हिमाचल केडर के आईएएस है उनके ससुर नाथूराम गुर्जर भीलवाड़ा जिला कलेक्ट्री में डीआरए है

सिविल सेवा में तीन अटेंमें चुके दो बार में अच्छी रेंक से हुआ चयन

ईश्वर गुर्जर ने बताया कि अभी तक उन्होंने तीन बार सिविल सेवा की परीक्षा दे चुके हैं ईश्वर गुर्जर का सिविल सेवा में है पांचवा अटेम्प्ट था वर्ष 2019 में प्री में फेल हो गए थे वर्ष 2020 में इंटरव्यू तक पहुंचे लेकिन सफलता नहीं मिली 2021 में फिर फ्री में फेल हो गए उसके बाद भी हताश नहीं हुए और 2022 में फिर से एग्जाम दिया ऑल इंडिया 644 में रैंक मिली जिस पर वह अभी नागपुर में इनकम टैक्स ऑफिसर की ट्रेनिंग ले रहे हैं और अच्छी रेंक के लिए उन्होंने 2023 में फिर से सिविल सेवा की परीक्षाएं दी इसके परिणाम स्वरूप ऑल इंडिया 555वी रैंक हासिल हुई है ईश्वर गुर्जर ने आरएएस में भी 22वी रेंक प्राप्त की हुई है

सफलता का श्रेय महेंद्र पाल गुर्जर को

ईश्वर गुर्जर ने बताया कि वह अपनी इस सफलता का श्रेय ज्ञानगढ़ के महेंद्र पाल गुर्जर को देते हैं जो कि रिश्ते में ईश्वर के साले लगते हैं और वर्तमान में हिमाचल कैडेट के आईएएस है इनसे प्रेरणा लेकर ही उन्होंने भी आईएएस बनने का सपना देखा और लगातार मेहनत करते रहे तीन बार असफल होने के बाद चौथी बार में 644वी रैंक हासिल की इसके और इससे अच्छी रेंक के लिए 2023 में पुन प्रयास किया जिससे 555वी रैंक हासिल हुई l

 

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