भारत पहुंची रूसी कोरोना वैक्सीन की पहली खेप, तीसरे फेज का होगा ट्रायल

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रूसी कोरोना वैक्सीन Sputnik V की पहली खेप भारत आ गई है। हाल ही में फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डीज को रूसी कोरोना वैक्सीन के भारत में ह्यूमन ट्रायल की अनुमति मिली थी। रूस ने अगस्त में दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-वी को मंजूरी देकर दुनिया को चौंका दिया था। हालांकि इस वैक्सीन के अंतिम चरण का ट्रायल अबतक पूरा नहीं हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रूस में आपातकालीन अप्रूवल के तहत लोगों को वैक्सीन लगाई जाने लगी है। वहीं, भारत में दिग्गज फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डी लैबोरेटरीज इस वैक्सीन का ट्रायल करने जा रही है। देश में इस वैक्सीन का दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल किया जाना है। इसके लिए वैक्सीन की खेप भारत पहुंच चुकी है।

करीब डेढ़ हजार लोगों पर होगा Sputnik V का ट्रायल

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ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने फार्मा कंपनी डॉ रेड्डी लैबोरेटरीज को रूसी वैक्‍सीन के ट्रायल की इजाजत दी है। वैक्‍सीन का 1,400 लोगों पर फेज 3 ट्रायल किया जाएगा। यह वैक्‍सीन मॉस्‍को के गामलेया रिसर्च इंस्टिट्यूट ने बनाई है।

रूसी वैक्‍सीन की डबल डोज से डबल इम्‍युनिटी का दावा

वैक्‍सीन का नाम Sputnik V इसलिए रखा गया है क्‍योंकि सोवियत यूनियन ने दुनिया का पहला सैटेलाइट भी इसी नाम से अंतरिक्ष में भेजा था। रशियन डायरेक्‍ट इनवेस्‍टमेंट फंड (RDIF) ने वैक्‍सीन की रिसर्च और प्रॉडक्‍शन को फंड किया है। RDIF भारतीय कंपनियों के साथ 2012 से जुड़ा हुआ है। फेज 2 ट्रायल में यह वैक्‍सीन 21 दिन के भीतर इम्‍युनिटी डिवेलप करने में कामयाम रही है। साइंटिस्‍ट्स के अनुसार, वैक्‍सीन का दूसरा इंजेक्‍शन दिए जाने पर इम्‍युनिटी डबल हो गई।

‘रूसी, नॉर्थ कोरियाई हैकर्स कर रहे वैक्‍सीन डेटा चुराने की कोशिश’

दिग्‍गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि रूस और नॉर्थ कोरिया सरकार के इशारों पर हैकर्स वैक्‍सीन डिवेलपमेंट का डेटा चुराने की कोशिश में हैं। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि बड़ी फार्मा कंपनियों पर हाल के महीनों में हुए अधिकतर हमले नाकाम रहे हैं लेकिन ये नहीं पता कि कौन से हमले सफल रहे या कितना नुकसान हुआ। अमेरिकी सरकार ने जुलाई में कहा था कि चीनी हैकर्स भी वैक्‍सीन निर्माताओं को टारगेट कर रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि अधिकतर हमले भारत, कनाडा, फ्रांस, साउथ कोरिया और अमेरिका में हुए। कंपनी ने टारगेट कंपनियों के नाम नहीं बताए हैं।

भारत में इन टीकों का भी चल रहा है ट्रायल

रूसी वैक्‍सीन का ट्रायल जल्‍द शुरू हो जाएगा। इसके अलावा भारत में पहले से ही दो वैक्‍सीन ऐडवांस्‍ड स्‍टेज ट्रायल्‍स में हैं। इनमें ऑक्‍सफर्ड-एस्‍ट्राजेनेका की वैक्‍सीन है जिसे सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने Covishield नाम से तैयार किया है। इसके अलावा भारत बायोटेक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की बनाई पूरी तरह स्‍वदेशी कोरोना वैक्‍सीन Covaxin है। इन दोनों का देश में फेज 3 ट्रायल जारी है। इसके अलावा कैडिला हेल्‍थकेयर की ZyCov-D भी क्लिनिकल ट्रायल से गुजर रही है।

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