अम्बेडकर संघर्ष समिति ने दिया शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय का संदेश, बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प
रिपोर्टर सुरज वर्मा
स्मार्ट हलचल|सावर उपखंड भीमराव अंबेडकर उद्यान में 14 अक्टूबर 2026 को अम्बेडकर संघर्ष समिति सावर के सदस्यों ने हर माह की भांति इस माह भी एकजुट होकर भीम क्रांति दिवस मनाया। इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सर्किल एवं प्रतिमा की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। इसके बाद बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों ने बाबा साहब के विचारों, उनके संघर्ष और समाज के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
बाबा साहब के विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक
भीम क्रांति दिवस के अवसर पर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को आत्मसात करने और उन्हें जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। बाबा साहब ने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक भेदभाव, छुआछूत और असमानता के खिलाफ संघर्ष करते हुए समाज के वंचित एवं शोषित वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए समर्पित किया। उनका मानना था कि शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर सामाजिक और आर्थिक उन्नति की राह पर आगे बढ़ सकता है।
बाबा साहब का प्रसिद्ध संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो”
आज भी समाज को जागरूकता, एकता और अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। उनके विचार केवल किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय पर आधारित समाज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
सामाजिक एकता और संवैधानिक मूल्यों पर दिया जोर
कार्यक्रम में बाबा साहब के जीवन संघर्ष से प्रेरणा लेते हुए समाज में शिक्षा का प्रसार करने, आपसी भाईचारा बनाए रखने और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही भारतीय संविधान में निहित समानता, स्वतंत्रता और न्याय के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने तथा आने वाली पीढ़ी को बाबा साहब के संघर्ष एवं विचारों से परिचित कराने का संदेश दिया गया।
समिति के सदस्यों ने बाबा साहब की प्रतिमा एवं सर्किल की साफ-सफाई कर यह संदेश भी दिया कि महापुरुषों के प्रति सच्चा सम्मान केवल माल्यार्पण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर अम्बेडकर संघर्ष समिति के अध्यक्ष घनश्याम पंवार, संरक्षक सूरज करणमालावत, कोषाध्यक्ष कालूराम रेगर, सचिव विनोद पंवार, पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश कांसोटिया, मार्गदर्शक उम्मेद सिंह दीदावत, अशोक कुमार मीणा, छोटू लाल पंवार एवं ऋषि राज पंवार सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।