मंगरोप।हमीरगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के भैंसाकुण्डल गांव में स्थित राजकीय सीनियर स्कूल की लगातार बिगड़ती स्थिति से नाराज ग्रामीणों एवं अभिभावकों का सब्र बुधवार को टूट गया।सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक स्कूल परिसर पहुंचे और विरोध स्वरूप स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया।ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी कि जब तक उच्च प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर विद्यालय की बदहाल स्थिति को लेकर ठोस एवं स्थायी समाधान नहीं करते,तब तक स्कूल की तालाबंदी जारी रहेगी।साथ ही अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का सामूहिक निर्णय भी लिया।ग्रामीण कालूलाल सालवी ने बताया कि विद्यालय की जर्जर हालत को लेकर पूर्व में कई बार शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया गया।लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।वर्तमान में स्कूल भवन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।कई स्थानों से प्लास्टर उखड़ चुका है,वहीं शिक्षकों की भारी कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।इसी से आहत होकर आज ग्रामीणों एवं स्कूली विद्यार्थियों के अभिभावकों ने स्कूल पर तालाबंदी करने जैसा कठोर कदम उठाया है।करीब 2 घंटे तक तालाबंदी करके कड़ा विरोध जताया गया।इसके बाद तालाबंदी की सूचना पर सीबीओ रामेश्वरलाल जीनगर मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की। उन्होंने शिक्षा विभाग से मरम्मत कार्य के लिए 2 लाख रुपए स्वीकृत करवाने का आश्वासन दिया। साथ ही सीनियर स्कूल के लिए गांव के बाहर प्रस्तावित भूमि पर नए भवन निर्माण की रूपरेखा तैयार कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश प्रधानाचार्य हरीश मीणा को दिए।जीनगर ने बताया कि विभाग द्वारा अगले सात दिनों में इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।उन्होंने यह भी बताया कि पुराने भवन में आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को सुगमता से अध्ययन की व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाएगी।आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया है वहीं स्कूल का ताला खुलवाकर बच्चों की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी करवा दी गई है,लेकिन ग्रामीणों ने स्थायी समाधान नहीं होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही है।













