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भैंसाकुण्डल में छोटे पुल से बढ़ी जलभराव की समस्या,खनन से पर्यावरण को नुकसान,ग्रामीणों ने विधायक व एसडीएम से की कार्रवाई की मांग

मुकेश खटीक
मंगरोप।हमीरगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के भैंसाकुण्डल गांव के ग्रामीणों ने क्षेत्र की गंभीर जनसमस्याओं को लेकर सहाड़ा विधायक एवं उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि भैंसाकुण्डल व बरडोद के बीच स्थित पुल वर्तमान में जल प्रवाह में बड़ी बाधा बन रहा है।पुल की चौड़ाई कम होने के कारण बरसात के मौसम में पानी का बहाव बाधित हो जाता है,जिससे आसपास के क्षेत्र में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है।ग्रामीणों ने मांग की है कि उक्त पुल की ऊंचाई कम से कम 5 फीट तक बढ़ाई जाए ताकि बारिश के समय पानी का प्राकृतिक प्रवाह सुचारु रूप से हो सके और गांव को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।ग्रामीणों ने क्षेत्र में हो रहे खनन कार्य को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।उनका कहना है कि खनन गतिविधियों के कारण पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा है।भूमि,रास्ते एवं आसपास के प्राकृतिक संसाधन क्षतिग्रस्त हुए हैं।ग्रामीणों ने इस नुकसान की उचित भरपाई कराने के साथ-साथ खनन कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।साथ ही थला की माताजी परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने की आवश्यकता बताई गई,ताकि पर्यावरण संतुलन पुनः स्थापित किया जा सके।इसके अलावा थला की मातेश्वरी रोड पर स्थित पुल की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई है।ग्रामीणों के अनुसार यह पुल अत्यधिक जर्जर अवस्था में है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।उन्होंने मांग की है कि पुल की शीघ्र मरम्मत करवाई जाए अथवा आवश्यकता अनुसार नया पुल निर्मित किया जाए।ग्रामीणों ने बताया कि ये सभी मांगें सामूहिक रूप से जनहित से जुड़ी हुई हैं।उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि आवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाए।ताकि क्षेत्रवासियों को लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिल सके।

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