भीलवाड़ा । राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की खंडपीठ न्यायाधीश डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी एवं न्यायाधीश अनूरूप सिंघी ने भीलवाड़ा यूआईटी की विवादित भूखंड लॉटरी योजना की आवंटन प्रक्रिया पर जारी अपने पूर्व अंतरिम स्थगन आदेश को यथावत रखते हुए मामले की अगली सुनवाई 27 नवम्बर 2025 को तय की है। यह जनहित याचिका एडवोकेट हेमेन्द्र शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता राघव कोठारी एवं पवन त्रिपाठी द्वारा एडवोकेट नमन मोहनोत के माध्यम से दायर की गई है, जिसमें लॉटरी प्रक्रिया में गंभीर धांधली, सॉफ्टवेयर गड़बड़ी, फर्जी व डुप्लिकेट एंट्री और अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप लगाए गए हैं। 18 नवम्बर को हुई सुनवाई में राज्य सरकार के अधिवक्ता द्वारा समय मांगे जाने पर माननीय न्यायालय ने मामले को अगले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध करते हुए अब 27 नवम्बर को सुनवाई निर्धारित की है। CW/21943/2025 में कुल 527 पन्नों का रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया है और मामला वर्तमान में ‘FOR ADMISSION – NOTICE SERVED’ चरण में है। यह स्थगन आदेश भीलवाड़ा के हजारों आवेदकों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।













