गौमाता से कुकर्म करने वाला 20 हजार का इनामी दरिंदा बांग्लादेश बॉर्डर से गिरफ्तार: 1500 CCTV खंगाले, 2000 KM पीछा कर दबोचा
भीलवाड़ा | स्मार्ट हलचल संवाददाता
शहर में गौवंश के साथ अप्राकृतिक कृत्य (कुकर्म) करने की शर्मनाक और घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले दरिंदे को भीलवाड़ा पुलिस ने आखिरकार धर दबोचा है। हिंदू समुदाय में भारी रोष और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस की विशेष टीमों ने दिन-रात एक कर, करीब 2 हजार किलोमीटर तक आरोपी का पीछा किया और उसे किशनगंज (बिहार) रेलवे स्टेशन यानी बांग्लादेश बॉर्डर के पास से डिटेन करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो, मचा था हड़कंप
29 मार्च 2026 को परिवादी शिवराज गुर्जर ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सोशल मीडिया पर एक 1-2 दिन पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति गाय के साथ कुकर्म करता दिखाई दे रहा है। इस वीडियो से पूरे हिंदू समाज में भारी आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने मामले की नजाकत को समझते हुए तुरंत धारा 9 (राजस्थान गोवंशीय पशु नियम) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 11 के तहत मुकदमा दर्ज किया और अज्ञात आरोपी की तलाश के लिए 3 विशेष टीमें गठित कीं।
ऐसे पुलिस के जाल में फंसा शातिर दरिंदा
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशानुसार, एएसपी (मुख्यालय) पारस जैन और सीओ सिटी सज्जन सिंह राठौड़ के सुपरविजन में पुलिस टीमों ने अपनी जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल, अभय कमांड सेंटर और रेलवे स्टेशन के करीब 1500 सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जिससे आरोपी की तस्वीर सामने आई। जांच में पता चला कि यह शातिर आरोपी ट्रेन से भीलवाड़ा आता है, वारदात करता है और फिर ट्रेन से ही वापस भाग जाता है।
पुलिस टीमों ने भीलवाड़ा से लेकर अजमेर, जयपुर, जोधपुर, आगरा, कानपुर, प्रयागराज और आसनसोल तक के स्टेशनों के फुटेज चेक किए। भीलवाड़ा स्टेशन पर रोजाना 40 ट्रेनों की सघन चेकिंग की गई। इसी बीच इनपुट मिला कि आरोपी ट्रेन से बांग्लादेश बॉर्डर (किशनगंज) की तरफ जा रहा है। आरपीएफ की मदद से उसे किशनगंज रेलवे स्टेशन (बिहार) से दबोच लिया गया।
गिरफ्तार किए गए इस घिनौने अपराधी की पहचान संजय कुमार साहु (56 वर्ष), पुत्र मोती साहु, निवासी: शास्त्रीनगर, कदमा, जिला पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), झारखण्ड के रूप में हुई है।
आदतन अपराधी: पूछताछ और पुलिस रिकॉर्ड में सामने आया है कि यह गिरफ्तार आरोपी पूर्व में भी भीलवाड़ा के भीमगंज थाना सर्किल में गाय के साथ इसी तरह का कुकृत्य कर चुका है।
इन पुलिस अधिकारियों और टीम की रही अहम भूमिका
इस ऐतिहासिक और चुनौतीपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में कोतवाली थानाधिकारी शिवराज गुर्जर, पुलिस निरीक्षक सुनील कुमार चौधरी (विशेष योगदान), आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार (किशनगंज, बिहार), एएसआई आशीष कुमार (साइबर सेल), जगराम, सीताराम, हेड कांस्टेबल संजय कुमार और कांस्टेबल ओम सिंह व शंभूलाल (विशेष योगदान) सहित छोटू लाल, हेमन्त सिंह, धर्मेन्द्र कुमार, अजय कुमार, संजय कुमार, समय सिंह, राजेश स्वामी, सौरभ जांगिड़ और धन्नाराम शामिल रहे।
