भीलवाड़ा में एएनटीएफ की नशा तस्करों पर डबल स्ट्राइक: हमीरगढ़ और मंगरोप में अलग-अलग कार्रवाई,885 ग्राम गांजा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार, प्रशिक्षित डॉग की मदद से भी मिली सफलता

चीफ पुनित चपलोत
भीलवाड़ा। जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का अभियान लगातार जारी है।
ए.एन.टी.एफ. महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन. के मार्गदर्शन में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में भीलवाड़ा जिले के हमीरगढ़ और मंगरोप थाना क्षेत्रों में की गई दो अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 885 ग्राम अवैध गांजा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

*हमीरगढ़ रेलवे फाटक के पास 717 ग्राम गांजा बरामद*
एएनटीएफ टीम को सूचना मिली थी कि हमीरगढ़ रेलवे फाटक क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने सादा वेश में क्षेत्र में निगरानी शुरू की। इस दौरान रेलवे फाटक के आगे सर्विस रोड पर एक संदिग्ध व्यक्ति हाथ में थैला लिए खड़ा दिखाई दिया।
स्थानीय पुलिस को सूचना देने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर संदिग्ध व्यक्ति रेलवे पटरी की ओर जाने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 717 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजा जब्त कर आरोपी विजय कुमार खटीक उर्फ सोनू पुत्र बंशीलाल खटीक (31), निवासी माताजी रोड, खटीक मोहल्ला, हमीरगढ़ को गिरफ्तार कर लिया।

*प्रशिक्षित डॉग की मदद से मंगरोप में दूसरी कार्रवाई*
दूसरी कार्रवाई मंगरोप थाना क्षेत्र में की गई। एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि गुवारड़ी नाला स्थित एनएच-48 पर देवनारायण मंदिर के पास गांजे की सप्लाई की जा रही है। सूचना के सत्यापन के बाद टीम ने सादा वेश में मौके पर निगरानी शुरू की।
मंदिर के पास एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देने पर स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस वाहन देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 168 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। कार्रवाई में प्रशिक्षित डॉग की भी सहायता ली गई।
पुलिस ने आरोपी मोहनलाल पुत्र कालूलाल गुर्जर (40), निवासी गुर्जर मोहल्ला, गुवारड़ी, थाना मंगरोप को गिरफ्तार कर गांजा जब्त कर लिया।
पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि मादक पदार्थ की खेप कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई किन-किन लोगों तक की जानी थी।